ईरान युद्ध के बीच रक्षा मंत्री हेगसेथ ने सेना के अधिकारी से इस्तीफा मांगा

ईरान , ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध के दौरान अमेरिका ने अपने आर्मी चीफ रैंडी जार्ज को उनके पद से हटा दिया है। इससे अमेरिकी सेना में हड़कंप मच गया है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने आर्मी के टॉप यूनिफॉर्म्ड अधिकारी रैंडी जॉर्ज समेत 2 अन्य जनरलों को बर्खास्त कर दिया है। पेंटागन ने गुरुवार को यह जानकारी दी, लेकिन इन बर्खास्तगी के कारण नहीं बताए। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, अमेरिका ईरान के खिलाफ जंग में है। 

तत्काल प्रभाव से अमेरिकी सेना प्रमुख की बर्खास्तगी

पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने कहा कि जनरल रैंडी जॉर्ज “तत्काल प्रभाव से आर्मी के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ के पद से हटा दिए गए हैं।” जनरल जॉर्ज इस पद पर अगस्त 2023 से थे, जो आमतौर पर चार साल का कार्यकाल होता है। यह नियुक्ति बाइडेन प्रशासन के दौरान हुई थी। सीबीएस न्यूज ने पहले इस बर्खास्तगी की खबर दी थी। हेगसेथ के पिछले साल पद संभालने के बाद से यह टॉप जनरलों और एडमिरलों की एक दर्जन से अधिक बर्खास्तगी का नवीनतम मामला है। पेंटागन के अधिकारियों ने जॉर्ज की बर्खास्तगी का कोई कारण नहीं बताया। यह फैसला अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू होने के लगभग 5 हफ्ते बाद आया है। 

ट्रंप के फैसलों पर उठ रहे सवाल

ईरान से युद्ध के दौरान अपने आर्मी चीफ को बर्खास्त करने के ट्रंप के फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं। अभी तक ट्रंप ने युद्ध के खत्म होने की कोई समय-सीमा भी नहीं बताई है। ट्रंप के रक्षामंत्री हेगसेथ ने रैंडी जॉर्ज के साथ ही आर्मी जनरल डेविड होडने और मेजर जनरल विलियम ग्रीन को भी हटा दिया है। यह जानकारी पेंटागन के एक अधिकारी ने गुमनाम रहकर दी, क्योंकि यह संवेदनशील नेतृत्व परिवर्तन का मामला है। 

जनरल क्रिस्टोफर ला नीव बने नए कार्यवाहक आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ

पेंटागन के एक अधिकारी के अनुसार रैंडी जॉर्ज की बर्खास्तगी के बाद जनरल क्रिस्टोफर ला नीव को नया कार्यवाहक आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया है। ला नीव पिछले साल अक्टूबर में ट्रंप द्वारा अचानक आर्मी के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ के पद के लिए नामित किए गए थे, उस समय वे हेगसेथ के टॉप मिलिट्री एड थे। मात्र दो साल पहले वे दो-स्टार जनरल थे, इसलिए यह उनकी बहुत तेज तरक्की मानी जा रही है। जनरल जॉर्ज वेस्ट पॉइंट मिलिट्री अकादमी के स्नातक हैं और इन्फैंट्री अधिकारी रहे हैं। उन्होंने पहला गल्फ वॉर, इराक और अफगानिस्तान में सेवा की है। 2021-2022 में वे बाइडेन प्रशासन के दौरान रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन के टॉप मिलिट्री एड भी रह चुके हैं। 

ट्रंप के निशाने पर थे जॉर्ज

ईरान से युद्ध के दौरान हटाए गए जनरल जॉर्ज फरवरी 2025 में भी ट्रंप प्रशासन के शुरुआती दौर में ही बर्खास्तगी के निशाने पर थे, लेकिन बच गए थे। हेगसेथ ने नेवी की टॉप अधिकारी एडमिरल लिसा फ्रांचेटी और एयर फोर्स की दूसरी सबसे वरिष्ठ जनरल जिम स्लाइफ समेत कई टॉप कमांडरों को हटा दिया था। ट्रंप ने जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल चार्ल्स “सीक्यू” ब्राउन जूनियर को भी निकाल दिया था। उसके बाद से एक दर्जन से ज्यादा अन्य टॉप जनरल और एडमिरल या तो समय से पहले रिटायर हो गए या उन्हें उनके पदों से हटा दिया गया।

इनमें जनरल जॉर्ज के डिप्टी जनरल जेम्स मिंगस भी शामिल थे, जो आर्मी के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ के पद पर दो साल से भी कम समय तक रहे। दो अन्य आर्मी जनरलों को भी निकाला गया। बर्खास्त किए गए अन्य जनरलों में जनरल डेविड होडने आर्मी ट्रांसफॉर्मेशन एंड ट्रेनिंग कमांड के प्रमुख थे। यह यूनिट दिसंबर में ही बनाई गई थी, जो जनरल जॉर्ज की आर्मी को आधुनिक बनाने की कोशिश का हिस्सा थी। जनरल विलियम ग्रीन आर्मी के चीफ ऑफ चैप्लेंस (धर्मगुरु प्रमुख) थे। हेगसेथ ने लगभग एक हफ्ते पहले चैप्लेन कोर में दो बड़े सुधारों की घोषणा की थी।  (भाषा)

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