आंध्र-प्रदेश : मिलावटी दूध मामले में विषाक्त प्रभाव की पुष्टि

राजामहेंद्रवरम (आंध्र-प्रदेश) आंध्र-प्रदेश सरकार ने मंगलवार को कहा कि राजमुंड्री में दूषित दूध के मामले में रक्त में यूरिया और सीरम क्रिएटिनिन का स्तर अधिक होने के कारण विषाक्त प्रभाव पड़ा, जिससे मौतें हुईं और लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

हाल ही में, पूर्वी गोदावरी ज़िले में कथित तौर पर दूषित दूध पीने से चार लोगों की मौत हो गई और कम से कम 15 को अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, पूर्वी गोदावरी ज़िले में विषाक्त दूध से जुड़ी चार मौतों के मामले में चिकित्सकों ने रक्त यूरिया और सीरम क्रिएटिनिन के बढ़े हुए स्तर के कारण विषाक्त प्रभाव की पुष्टि की है। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, प्रभावित व्यक्तियों में पाई गई अचानक गुर्दे (गुर्दे संबंधी) संबंधी जटिलताओं का प्राथमिक कारण दूध का सेवन पाया गया।

अस्पताल में भर्ती 15 लोगों में से सात की स्थिति स्थिर

पूर्वी गोदावरी की ज़िलाधिकारी कीर्ति चेकुरी ने कहा कि नरसापुरम गाँव में एक निजी डेयरी से 106 परिवारों को दूध की आपूर्ति की जा रही थी और आपूर्ति को तुरंत रोक दिया गया। ज़िलाधिकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती 15 लोगों में से सात खतरे से बाहर हैं, जबकि शेष वेंटिलेटर और डायलिसिस सपोर्ट पर हैं। उन्होंने बताया कि ज़िला निगरानी अधिकारी, चिकित्सा विशेषज्ञों, सूक्ष्मजीवविज्ञानी और गुर्दा रोग विशेषज्ञों वाली त्वरित प्रतिक्रिया टीम का तुरंत गन किया गया और उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया।

चेकुरी ने बताया कि 14 फील्ड निगरानी टीम ने लगभग 680 घरों का दौरा किया और लगभग 960 परिवारों की जाँच की। 110 परिवारों में 290 से अधिक व्यक्तियों की पहचान की गई और जाँच के लिए रक्त के 315 नमूने एकत्र किए गए। ज़िलाधिकारी के अनुसार, एकत्र किए गए रक्त के 315 नमूनों में से 313 सामान्य पाए गए, जबकि दो व्यक्तियों में यूरिया और क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया।

इस बीच, पशुपालन विभाग (एएचडी) ने चार पशु चिकित्सकों की एक टीम गठित की और पशुओं के चारे और पानी के नमूनों के साथ-साथ दूध के 41 नमूने एकत्र किए, जिन्हें परीक्षण के लिए पशु चिकित्सा जैविक अनुसंधान संस्थान भेजा गया। चेकुरी ने कहा कि सभी विभागों द्वारा समन्वित कार्रवाई किए जाने के कारण स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। इस बीच, पुलिस ने कहा कि एक विक्रेता के फ्रीजर से रासायनिक कूलेंट के रिसाव के कारण चार लोगों की मौत का संदेह है।

फ्रीजर में कूलेंट रिसाव की आशंका, जांच जारी

भंडारण इकाई और आपूर्ति किए गए दूध के नमूनों को विस्तृत वैज्ञानिक जाँच के लिए विजयवाड़ा स्थित फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा गया है। कूलेंट वह पदार्थ होता है, जो किसी मशीन, इंजन, उपकरण या प्रणाली का तापमान कम रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

पूर्वी गोदावरी ज़िले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डी. नरसिम्हा किशोर ने पीटीआई-भाषा को बताया कि दूध आरोपी के घर पर फ्रीजर में रखा गया था और हमें संदेह है कि उसमें संभवत: कूलेंट का रिसाव हुआ होगा। सभी आवश्यक नमूने एफएसएल को भेज दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि विक्रेता अपने घर में दो कंटेनर वाले फ्रीजर में दूध रखता था। इसके अलावा वितरण के लिए भंडारण टैंकों से छह कैन भरे जाते थे। शहर के विभिन्न इलाकों में आपूर्ति से पहले कुछ कैन में ताजा दूध भी भरा जाता था।

यह भी पढ़ें… हैदराबाद : कलयुगी माँ ने दो माह के शिशु को जिंदा जलाया

पुलिस को संदेह है कि मिलावटी दूध वाली एक कैन से उन घवें में आपूर्ति की गई होगी, जहाँ मौतें हुईं। आरोपी विक्रेता को हिरासत में ले लिया गया है और आपूर्ति से जुड़ी डेयरी इकाई को सील कर दिया गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक जाँच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्वाई की जाएगी। (भाषा)

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button