असम में भाजपा को मिलेगा ‘असाधारण सत्ता समर्थक’ जनादेश: सिंघल

गुवाहाटी, असम के वरिष्ठ मंत्री अशोक सिंघल ने दावा किया है कि राज्य की जनता विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘असाधारण सत्ता समर्थक’ जनादेश देगी। सिंघल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में दावा किया कि भाजपा राज्य में लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक जनादेश के साथ सत्ता में वापसी करेगी और सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करने की अपनी यात्रा को आगे बढ़ाएगी।

सिंघल ने कहा, ‘‘जनता सत्ता के पक्ष में असाधारण और ऐतिहासिक जनादेश देगी और सत्तारूढ़ राजग गठबंधन को इतनी सीटों पर जीत मिलेगी जिसकी संख्या किसी ने सोची नहीं होगी।’’ सिंघल लगातार तीसरी बार ढेकियाजुली विधानसभा सीट पर जीत हासिल करने के मकसद से चुनाव लड़ रहे हैं और उन्होंने दावा किया कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों द्वारा जीती जाने वाली सीटों की संख्या ‘सौ के आंकड़े तक पहुंच सकती है’।

सिंघल ने कहा ‘‘ये संख्या बड़ी लग सकती हैं…लेकिन ऐसा हो सकता है, माहौल बेहद उत्साहजनक है और भाजपा के पक्ष में है।’’ सिंघल ने दावा किया कि कांग्रेस “अप्रासंगिक” हो गई है और निर्वाचन क्षेत्रों में उसकी पैठ नहीं है, उसके उम्मीदवार “हतोत्साहित” हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के उम्मीदवार कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार भी नहीं कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि वे हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं।”

कांग्रेस में टूट से बढ़ी भाजपा की बढ़त, चुनावी मुकाबला दिलचस्प

चुनाव से पहले प्रद्युत बोरदोलोई और भूपेन बोरा जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल होने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इन घटनाक्रम ने ‘‘कांग्रेस का मनोबल गिराया है और भाजपा को मजबूत किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बोरदोलोई दो बार सांसद रहे और कांग्रेस सरकार में तीन बार मंत्री रहे, जबकि बोरा गौरव गोगोई से पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे और उनके जाने से पार्टी को बहुत बड़ा झटका लगा है।’’

उन्होंने दावा किया कि पार्टी के सदस्य ही अब एक-दूसरे पर भरोसा नहीं करते। सिंघल ने कहा कि भाजपा ने आगामी चुनावों में त्रिआयामी दृष्टिकोण अपनाया है, जिसमें जनता की सुरक्षा के साथ-साथ राज्य की संस्कृति और विरासत की रक्षा को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने इस मामले में अग्रणी भूमिका निभाई है और जनता को उम्मीद है कि अब राज्य घुसपैठियों से मुक्त हो सकता है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे सिंघल ने जोर देकर कहा कि भाजपा का दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करना भी है कि ‘संस्कार’, ‘संस्कृति’, ‘चरित्र’ और ‘विरासत’ को संरक्षित किया जाए, जिनकी लोगों ने बहुत सराहना की है और उन्हें लगता है कि यह लोगों की पहचान की रक्षा करने का सही तरीका है।

सिंघल का सीधा मुकाबला कांग्रेस के बताश ओरंग से है, जो चाय बागान में काम करने वाली जनजाति से आते हैं। सोनितपुर जिले के ढेकियाजुली विधानसभा क्षेत्र में कुल सात उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। असम विधानसभा की 126 सीट के लिए चुनाव नौ अप्रैल को होंगे। मतगणना चार मई को होगी। (भाषा)

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