बंबई कोर्ट ने की शिवसेना विधायक की 2024 में जीत के खिलाफ अर्जी खारिज
जालना, बंबई उच्च न्यायालय ने 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना उम्मीदवार अर्जुन खोटकर की जीत को चुनौती देने के लिए एक कांग्रेस नेता द्वारा दाखिल की गई याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इसमें कोई पुख्ता तथ्य नहीं है।
कांग्रेस के कैलाश गोरंट्याल द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि खोटकर चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थे क्योंकि वह उस समय जालना कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) के अध्यक्ष थे। गोरंट्याल को जालना विधानसभा सीट पर खोटकर से 31 हजार मतों से मात मिली थी। उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ के न्यायमूर्ति किशोर सी संत ने सोमवार को याचिका खारिज कर दी। गोरंट्याल ने निर्वाचन आयोग और निर्वाचन अधिकारी को याचिका में पक्षकार बनाते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था और खोटकर के चुनाव को चुनौती दी थी।
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कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि खोटकर जालना कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) के अध्यक्ष के रूप में ‘लाभ के पद’ पर थे, जिसके कारण वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थे। उन्होंने यह भी दलील दी कि खोटकर द्वारा अपने नामांकन पत्रों के साथ प्रस्तुत किया गया हलफनामा निर्धारित प्रारूप में नहीं था। अधिवक्ता एस बी देशपांडे ने खोटकर की ओर से दलीलें पेश कीं। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि कथित जानकारी छिपाना कोई महत्वपूर्ण तथ्य नहीं था और इस पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 191 के तहत अयोग्यता का नियम लागू नहीं होता है। (भाषा)
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