विधानसभा की कार्यवाही में व्यवधान करने के चलते बीआरएस विधायक निलंबित
हैदराबाद, राज्य विधानसभा में राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी की कंपनी राघवा कंस्ट्रक्शन्स पर अवैध खनन किए जाने के आरोप लगाते हुए सदन समिति का गठन करने की मांग को लेकर मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (भारास ) का हंगामा आज भी जारी रहा। हद तो तब हो गई, जब बीआरएस सदस्य वी वांट जस्टिस के नारे लगाकर मंत्री पोंगुलेटी को हटाने की मांग करते हुए सभापति के आसन के समक्ष बैठ गए। काफी समझाने के बावजूद जिद पर अड़े रहे बीआरएस के सदस्यों को सभापति गड्डम प्रसाद कुमार ने दो दिनों के लिए निलंबित कर दिया।
ज्ञातव्य है कि शनिवार को भी विभिन्न अनुदान मांगों पर चर्चा के समय बीआरएस सदस्यों ने वेल में जाकर सदन समिति का गठन करने की मांग को लेकर हंगामा किया। यह सिलसिला आज भी जारी रहा। आज विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद से ही बीआरएस के सदस्य अपनी कुर्सियों से खड़े होकर राघवा कंस्ट्रक्शन्स के अवैध खनन पर सदन समिति का गठन करने की मांग करने लगे।
मार्शलों से धक्का-मुक्की, सदन में बढ़ा तनाव
अचानक बीआरएस विधायक दल के उपनेता टी. हरीश राव व विधायक कोत्ता प्रभाकर रेड्डी सहित सभी विधायक सभापति के आसन की ओर दौड़ने लगे, जिसके चलते मार्शलों ने सभी को रोकने के प्रयास किए। इस दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। मार्शलों के रोकने के बाद बीआरएस विधायक पोडियम के पास ही नारेबाजी करते हुए बैठ गए। वे तालियां बजाते रहे तथा कागज फाड़कर सभापति के आसन की ओर फेंकने लगे।
इस रवैये से नाराज सभापति ने काफी समझाया और कहा कि सदन में जनसमस्याओं पर बात करने के बजाए इस प्रकार हंगामा ठीक नहीं है, फिर भी सदस्य जिद पर अड़े रहे। सभापति ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले ही मुद्दे पर सीबीसीआईडी की जांच कराने का आश्वासन दे दिया है और स्पष्ट किया है कि जो भी दोषी हो, उसे नहीं बख्शा जाएगा। ऐसे में सदन समिति की आवश्यकता नहीं है, परंतु सभापति की बात भी बीआरएस ने नहीं मानी और अपनी नारेबाजी जारी रखी।
इस पर विधायी मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने भी समझाया और बचे बिल पास करने में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रश्न किया कि 10 सालों तक सत्ता चलाने वाली बीआरएस को जांच एजेंसी सीबीसीआईडी पर क्यों भरोसा नहीं है? उन्होंने बताया कि पूर्व बीआरएस शासन के समय भी वर्ष 2014-18 के समय 3 मुद्दों पर सदन समिति का गठन किया गया था, लेकिन कोई मीटिंग तक नहीं की गई, न ही रिपोर्ट सौंपी गई। उन्होंने कहा कि सदन समिति केवल सलाह देती है।
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सहयोग न करने पर निलंबन की चेतावनी दी रेवंत ने
इस दौरान मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हस्तक्षेप करते हुए सदन की कार्यवाही अगले दो दिनों तक सुचारू रूप से चलाने का हवाला देते हुए सभापति से कहा कि यदि विपक्षी बीआरएस के सदस्य सहयोग करते हैं तो ठीक, वरना निलंबन के सिवाय कोई चारा नहीं है। सत्तापक्ष की ओर से लाख समझाने पर भी बीआरएस सदस्य टस से मस नहीं हुए। आसन के पास बैठकर नारेबाजी करते रहे। विधायी मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने विधानसभा की कार्यवाही में व्यवधान डालने को लेकर विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दो दिनों के लिए बीआरएस के सदस्यों को सदन से निलंबित करने का सभापति से आग्रह किया।
इसके बाद श्रीधर बाबू ने हंगामा कर रहे बीआरएस विधायक दल के उपनेता टी. हरीश राव व तलसानी श्रीनिवास यादव, सचेतक के. पी. विवेकानंद गौड़, विधायक के. तारक रामाराव, विधायक टी. पद्माराव, विधायक माणिक राव, विधायक जगदीश रेड्डी, विधायक पाडी कौशिक रेड्डी, विधायक अनिल जाधव, विधायक गंगुला कमलाकर, माधावरम कृष्णा राव, विधायक गुडेम महिपाल रेड्डी, विधायक कोत्ता प्रभाकर रेड्डी, विधायक कोवा लक्ष्मी, विधायक पी. सबिता इंद्रा रेड्डी, विधायक सुनीता लक्ष्मा रेड्डी, विधायक वेमुला प्रशांत रेड्डी, विधायक डॉ. कल्वाकुंट्ला संजय, विधायक चिंता प्रभाकर, विधायक कालेरू वेंकटेश, विधायक बंडारू लक्ष्मा रेड्डी, विधायक विजयुडू, विधायक पल्ला राजेश्वर रेड्डी व मर्री राजशेखर रेड्डी के नाम पढ़े, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए सभापति गड्डम प्रसाद कुमार ने बजट सत्र के अंतिम दो दिनों के लिए बीआरएस के इन विधायकों को निलंबित कर दिया।
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