गोदावरी पुष्कर की तैयारियों को लेकर मंत्रिमंडल उप-समिति ने दिए निर्देश

हैदराबाद, राज्य सरकार गोदावरी पुष्कर 2027 को कुंभ मेला की तरह अत्यंत भव्य रूप से आयोजित करने के लिए अभी से तैयारी कर रही है। गोदावरी पुष्कर 2027 पर गठित मंत्रिमंडल उप-समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यात्रियों की सुविधा के लिए स्थायी स्तर पर कार्य करें, जो हमारी संस्कृति और परंपराओं को प्रतिबिंबित करें।

आईटी और उद्योग मंत्री श्रीधर बाबू की अध्यक्षता में आज सचिवालय में मंत्रिमंडल उप-समिति की बैठक हुई। इसमें उप-समिति सदस्य मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव, कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी, कोण्डा सुरेखा, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, सीतक्का, लक्ष्मण कुमार, सरकारी सलाहकार सुदर्शन रेड्डी ने भाग लिया। बैठक के दौरान उन्होंने पुष्कर के आयोजन की तारीखों, संबंधित विभागों की तैयारी और भविष्य की कार्य योजना की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अवसर पर मंत्रियों ने कहा कि सरकार ने सरस्वती पुष्कर और सम्मक्का-सारक्का जातरा का भव्य आयोजन किया। इसी प्रेरणा के साथ आगामी गोदावरी पुष्कर को भी भव्यता के साथ आयोजित करने के लिए प्रतिष्ठात्मक रूप से व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि वेद पंडितों ने 26 जून से 7 जुलाई 2027 तक आदि पुष्कर और 13 से 24 जुलाई 2028 तक अंत्य पुष्कर का आयोजन करने का निर्णय लिया है।

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गोदावरी पुष्कर में 8 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान

मंत्रियों ने आगे कहा कि गोदावरी पुष्कर में लगभग 8 करोड़ श्रद्धालुओं के भाग लेने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके मद्देनज़र गोदावरी नदी के किनारे स्थित जिलों में प्रमुख मंदिरों को जोड़ते हुए कुल 96 क्षेत्रों को विशेष रूप से पुष्कर के लिए चुना गया है। इसके तहत बासर से भद्राचलम तक गोदावरी तट पर स्थित सभी प्रमुख मंदिरों और प्राचीन मंदिरों का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले पुष्कर के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार घाटों, सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए राज्य और जिला स्तर की योजनाओं को विकसित किया जा रहा है।

मंत्रियों ने बताया कि आगामी वर्षा के मौसम को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द काम शुरू करने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। समन्वय की कमी से बचने के लिए गोदावरी पुष्कर के संचालन के लिए विशेष अधिकारी और विभागीय नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएँगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घाट पर यातायात व्यवस्था, आपातकालीन मार्ग, अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा, पार्किंग आदि पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुष्कर की व्यवस्थाओं में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे किसी भी तरह की कमी से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतें।

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