माइनिंग और रेत खनन की CID जाँच के आदेश
हैदराबाद, राज्य सरकार ने अवैध माइनिंग और रेत खनन की जाँच सीबी सीआईडी से करवाने के आदेश जारी किए। सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी के परिवार से संबंधित राघव कंस्ट्रक्शन्स में अवैध माइनिंग का हवाला देते हुए इस मामले की जाँच हेतु सदन समिति का गठन करने या पीठासीन न्यायाधीश से जाँच करवाने की माँग पूर्व मंत्री टी. हरीश राव की। हरीश राव ने अनुदान माँग पत्रों पर चर्चा करते हुए यह मांग की।
मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी के परिवार द्वारा संचालित राघवा कंस्ट्रक्शन्स द्वारा बिना किसी अनुमति, लाइसेंस और पर्यावरण संबंधी अनुमति के अवैध खनन का आरोप लगाते हुए इस मामले की जाँच हेतु सदन समिति का गठन करने की माँग की। उन्होंने कहा कि इस अवैध खनन से राज्य सरकार के खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। इस मामले को लेकर सदन में दो घंटे से अधिक समय तक जमकर शोरशराबा हुआ।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के मंत्रियों समेत विधायकों ने परस्पर एक-दूसरे पर आरोप लगाए। भारास विधायकों ने वेल में बैठकर थाली बजाते हुए सदन समिति का गठन करने की माँग करते हुए हंगामा मचाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हस्तक्षेप कर कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने के पश्चात माइनिंग और रेत के खनन के राजस्व में वृद्धि हुई है। भारास के शासनकाल के समय इस क्षेत्र से 700 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था, जो 35 प्रतिशत बढ़कर 1,172 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।
अवैध खनन पर सीबी-सीआईडी जांच
रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना के आविर्भाव के समय 2 जून, 2014 से वर्तमान समय तक राघवा कंस्ट्रक्शन्स समेत सभी माइनिंग और रेत के खनन के लिए वे सीबी सीआईडी जाँच के आदेश जारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राघवा कंस्ट्रक्शन समेत भारास के समय सिरसिल्ला नेरेल्ला में भारास के पूव् राज्यसभा सदस्य संतोष और उनके पिता रविन्दर के नाम पर संचालित माइनिंग, सिरिषा जियो ग्रेनाइट, मिडवेट ग्रेनाइट, श्वेता ग्रेनाइट, पूर्व विधायक गंगुला प्रभाकर से संबंधित अवैध माइनिंग, गायत्री ग्रेनाइट, मद्दीराजू माइनिंग और हरीश राव के भाई से संबंधित माइनिंग के मामले आदि की सीबी सीआईडी द्वारा जाँच करवाई जाएगी।
रेड्डी ने कहा कि सीबी सीआईडी जाँच की रिपोर्ट विधानसभा के अगले सत्र में पेश की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारास के शासनकाल के दौरान पूर्व मंत्री टी. हरीश राव और केटीआर के नेतृत्व में अवैध माइनिंग के जरिए करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भारास के शासनकाल के समय माइनिंग मंत्रालय पहले हरीश राव के पास था और उनके द्वारा इस क्षेत्र में अवैध क्रियाकलापों को अंजाम देने के कारण हरीश राव और केटीआर के बीच झगड़े के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने माइनिंग विभाग हरीश राव से छीनकर केटीआर को सौंप दिया।
रेवंत ने कहा कि भारास के शासनकाल के समय अवैध माइनिंग और रेत के खनन के चलते राज्य सरकार को काफी नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद इसे सही रास्ते पर लाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी द्वारा भारास नेताओं की पैरवी को स्वीकार न करने के कारण वे पोंगुलेटी पर आरोप लगाकर उन्हें ब्लैकमेल करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इस ब्लैकमेल से उनकी दाल गलने वाली नहीं है।
सदन में हंगामा, आरोप-प्रत्यारोप तेज
रेवंत ने कहा कि परिवार में संपत्ति विवाद के चलते केटीआर ने अपनी सगी बहन कविता को पार्टी और घर से निकाल दिया। उन्होंने कहा कि सीबी सीआईडी जाँच के जरिए हर किसी का कच्चा चिट्ठा खोला जाएगा। इस दौरान भारास विधायक हरीश राव, केटीआर समेत सभी विधायकों ने सदन समिति की माँग करते हुए शोर मचा रहे थे। इस दौरान भारास के कुछ विधायक वेल में धरने पर भी बैठ गए। भारास विधायकों के इस व्यवहार पर उप-मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भारास के विधायक सड़क छाप लोगों के जैसा सदन में व्यवहार कर सदन की गरिमा को भंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरीश राव जो आरोप लगा रहे हैं, उसे सही कैसे माना जा सकता है।
आरोप सरकार की दृष्टि में लाए गए हैं और सरकार इनकी जाँच करवाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारास के विधायक का व्यवहार ऐसा है कि वे विधानसभा अध्यक्ष को उनकी मनमर्जी से सदन चलाने के लिए कह रहे हैं। उप-मुख्यमंत्री के अलावा विधायी मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू, खेलकूद मंत्री वाकिटी श्रीहरी, लक्ष्मण, सीतक्का, पोन्नम प्रभाकर और खनन विभाग के मंत्री डॉ. विवेक ने भी भारास विधायकों के इस व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई।
श्रीधर बाबू ने कहा कि नियम के अनुसार सदन के सदस्य और मंत्री पर आरोप लगाने से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति लेना अनिवार्य है। उन्होंने पोंगुलेटी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को तत्काल वापस लेने की माँग की। लगाए गए आरोप का जवाब देते हुए मंत्री विवेक ने कहा कि राघवा कंस्ट्रक्शन्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 7.87 करोड़ रुपये की पेनाल्टी वसूली गई और वर्तमान समय में केवल 4 लाख रुपये का जुर्माना बकाया है। इस चार लाख रुपये के लिए सदन समिति का गठन करना अनुचित है।
आरोप गलत होने पर फाँसी दो : हरीश
पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने कहा कि राघवा कंस्ट्रक्शन्स को लेकर उन्होंने जो कुछ भी आरोप लगाए हैं, यदि वह गलत है, तो उन्हें फाँसी लगा दी जाए और इस सदन से निष्कासित कर दिया जाए। उन्होंने राघवा कंस्ट्रक्शन्स के पास कांग्रेस का झंडा लगी हुई एक फोटो भी विधानसभा अध्यक्ष को दिखायी, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई।
हरीश राव ने कहा कि शमशाबाद मंडल के कोतवालगुड़ा ग्राम के सर्वे नं. 62, 63 पर बिना किसी अनुमति के राघवा कंस्ट्रक्शन्स का संचालन किया जा रहा है। इस अवैध संचालन से राज्य सरकार के खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। कई बार नोटिस जारी करने और खनन विभाग को कई बार पत्र लिखने के बाद भी वर्तमान समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भारास के विधायक गुडेम महिपाल रेड्डी के भाई को माइनिंग के मामले में एक छोटी सी गलती के चलते रातों-रात गिरफ्तार कर एक माह तक जेल में रखा गया था।
राघवा कंस्ट्रक्शन्स के मामले में करोड़ों रुपये का नुकसान होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे स्पष्ट है कि सरकार सत्ता पक्ष के साथ एक न्याय और विपक्ष के साथ एक न्याय कर रही है। इस मामले पर उन्होंने पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी के एक बयान पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा कि वे भौंकने वाले कुत्तों को नियंत्रित करना जानते हैं। उन्होंने पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी से तत्काल मंत्री पद से त्याग पत्र देने की माँग की और कहा कि उनके मंत्री पद पर बने रहने पर इस मामले की निष्पक्ष जाँच होना संभव नहीं है।
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