बिट्स पिलानी में सतत कार्बन प्रौद्योगिकियों के साथ भारत का परिवर्तन विषयक सम्मेलन आरंभ
हैदराबाद, इंडियन कार्बन सोसाइटी, हैदराबाद चैप्टर द्वारा इंटरनेशनल एडवांस्ड रिसर्च सेंटर फॉर पाउडर मेटलर्जी एंड न्यू मटेरियल्स (एआरसीआई) और बिट्स पिलानी हैदराबाद कैंपस के सहयोग से उन्नत कार्बन सामग्री पर आयोजित सम्मेलन सीएसीएम-2026 का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।



आज जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सतत कार्बन प्रौद्योगिकियों के साथ भारत का परिवर्तन विषय पर आधारित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. आशुतोष शर्मा (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर में चेयर प्रोफेसर और भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव) ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात सीएसीएम-2026 की आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. पी.के. जैन द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। एआरसीआई के निदेशक डॉ. आर. विजय ने विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने में कार्बन की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए सम्मेलन की रूपरेखा को प्रस्तुत किया।
इस दौरान कार्बन्स ओडिसी : फ्रॉम फ्लेम टू फ्रंटियर शीर्षक वाली लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। इसमें आदिमानव द्वारा आग के रूप में कार्बन के शुरुआती उपयोग से लेकर आज के रणनीतिक, औद्योगिक और उच्च-तकनीकी अनुप्रयोगों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका तक की उल्लेखनीय यात्रा को दर्शाया गया।
प्रो. आशुतोष शर्मा ने कार्बन को एक ऑल-राउंडर सामग्री के रूप में वर्णित किया। उन्होंने दैनिक जीवन में इसकी सर्वव्यापकता के साथ पर्यावरण, खेल, स्वास्थ्य सेवा, अंतरिक्ष, रक्षा, ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इसके अपरिहार्य योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत के वैज्ञानिक और औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र (ईकोसिस्टम) को मजबूत करने में सतत कार्बन प्रौद्योगिकियों के महत्व पर विशेष जोर दिया।
युवा शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स से किया संवाद
मुख्य अतिथि ने बुक ऑफ एब्सट्रैक्ट्स का विमोचन कर पोस्टर प्रेजेंटेशन तथा प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने पोस्टर सत्र के दौरान युवा शोधकर्ताओं के साथ बातचीत कर प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने नवीन कार्बन-आधारित उत्पादों और प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करने वाली विभिन्न कंपनियों और स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों से संवाद किया। प्रो. आशुतोष शर्मा द्वारा ए डेट विद कार्बन : एनवायरनमेंट, हेल्थ, एनर्जी, वॉटर… शीर्षक वाला प्लेनरी टॉक उद्घाटन सत्र का मुख्य आकर्षण रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैसे कार्बन एक बहुमुखी और अनुकूलनीय तत्व के रूप में दुनिया की कुछ सबसे गंभीर वैश्विक चुनौतियों के समाधान के केंद्र में है।
प्रो. शर्मा ने जल शोधन और सस्ती स्वास्थ्य सेवा प्रौद्योगिकियों में उन्नत कार्बन सामग्रियों की परिवर्तनकारी भूमिका पर जोर दिया। अत्याधुनिक शोध और वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों का हवाला देते हुए, उन्होंने प्रदर्शित किया कि कैसे कार्बन नैनो-सामग्रियों, पोरस (छिद्रपूर्ण) कार्बन और ग्राफीन-आधारित प्रणालियों में नवाचार, स्थिरता और रणनीतिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियों को सक्षम बना रहे हैं।
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शर्मा ने राष्ट्रीय विकास के लिए कार्बन प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने के उद्देश्य से अंतविषय अनुसंधान, उद्योग-अकादमिक सहयोग और नीतिगत समर्थन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने युवा शोधकर्ताओं को विकसित भारत 2047 के विजन को प्राप्त करने हेतु लचीला, आत्मनिर्भर और टिकाऊ भारत बनाने के मार्ग के रूप में कार्बन विज्ञान की खोज करने के लिए प्रेरित किया। उद्घाटन समारोह का समापन सीएसीएम 2026 के संयोजक डॉ. संजय आर. धागे के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
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