कांग्रेस सरकार किसानों को न्याय देने में विफल : कविता
हैदराबाद, तेलंगाना जागृति की संस्थापक कल्वाकुंट्ला कविता ने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव सरकार पर नडीगड्डा के साथ अन्याय करके धोखा देने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार भी इन किसानों को न्याय देने में विफल रही है।
नडीगड्डा हक्कुला पोराटा समिति के तत्वावधान में गद्वाल में आयोजित रैतु संघर्षणा सभा को संबोधित करते हुए कविता ने तुम्मिल्ला व नेट्टमपाडू परियोजना के निर्माण कार्य कछुआ चाल चलने को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नडीगड्डा के साथ अन्याय करके बीआरएस ने धोखा दिया है। उन्होंने नडीगड्डा के कपास बीज किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए चिंता जताते हुए कहा कि सरकार इन किसानों के बकाए अदा नहीं करके परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आंखों में आंसू लाने वाली कोई सरकार नहीं टिकी है।
कपास बीज किसानों के बकाए पर 1 हफ्ते का अल्टीमेटम
यह कांग्रेस सरकार भी अधिक दिनों तक नहीं रहेगी। इसके भी जाने के दिन नजदीक हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही वे नई राजनीतिक पार्टी के तौर पर जनता के हाथों में हथियार देने जा रही हैं। इसके लिए जनता का आशीर्वाद चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार को 1 सप्ताह का समय देते हुए कहा कि यदि सप्ताहभर के भीतर कपास बीज किसानों के बकाया अदा नहीं किए गए तो गद्वाल में व्यापक तौर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बड़ी संख्या में किसानों के साथ मिलकर अनशन करने की चेतावनी भी दी।
कविता ने आगे कहा कि 40 लाख किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा करने वाली कांग्रेस ने केवल 25 लाख किसानों के ही कर्ज माफ किए हैं। शेष 15 लाख किसान इंतजार में हैं। उन्होंने शेष कृषकों के भी कर्ज माफ करने की मांग की। साथ ही किसानों को रैतु बंधु योजना की राशि भी तुरंत अदा करने की मांग की। उन्होंने नक्सलियों के प्रति सहानुभूति प्रकट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जंगलों में नक्सलियों को अमानवीय तरीके से मार रही है।
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यूरिया संकट पर सरकार की मोबाइल ऐप योजना पर सवाल
इधर कांग्रेस सरकार किसानों को परेशान करके रुला रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को यूरिया तक उपलब्ध नहीं करा पा रही सरकार मोबाइल ऐप के जरिए यूरिया देने की बात कर रही है जबकि किसानों के पास स्मार्ट फोन ही नहीं है। उन्होंने सरकार से किसानों को आईफोन देने की मांग की।
कविता ने बीआरएस के टिकट पर चुनाव जीतकर कांग्रेस में शामिल हुए गद्वाल के विधायक बंड्ला कृष्णा मोहन रेड्डी से मांग करते हुए कहा कि दम हो तो वे किस पार्टी में हैं, स्पष्ट करें। अपना उदाहरण देते हुए कविता ने कहा कि बीआरएस से जब निलंबित किया गया तो तुरंत ही बीआरएस द्वारा दिए गए एमएलसी पद को त्याग दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में हिम्मत होनी चाहिए लेकिन गद्वाल के विधायक खुद कौनसी पार्टी में हैं यह तक बताने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंड्ला कृष्णा रेड्डी कहते हैं बीआरएस पार्टी फंड के तौर पर उनके वेतन से निधियां काटी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी फंड लेने बीआरएस को, वहीं फंड देने विधायक को इंगित ज्ञान होना चाहिए।
कविता ने कहा कि विधायक कहते हैं प्रगति के लिए कांग्रेस में शामिल हुए हैं लेकिन बताएं पूर्व बीआरएस सरकार में जब वे थे तब निर्वाचन क्षेत्र का क्या विकास किया। जनसभा के बाद किसानों के साथ मिलकर स्थानीय जिलाधीश को ज्ञापन सौंपने गईं कविता को जिलाधीशालय में जाने की अनुमति न देकर गेट पर ताले लगा दिए गए, जिसके विरोध में कविता वहीं गेट के समक्ष किसानों के साथ मिलकर धरने पर बैठ गईं। कुछ देर के बाद कलेक्टरेट में जाकर जिलाधीश संतोष को उन्होंने ज्ञापन सौंपा।
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