कांग्रेस कार्य समिति ने परिसीमन को असंवैधानिक बताया

नयी दिल्ली, कांग्रेस ने महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने के साथ प्रस्तावित परिसीमन की कवायद को असंवैधानिक करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि इसके गंभीर परिणाम होंगे और ऐसे में वर्तमान विधानसभा चुनावों के संपन्न होने के बाद परिसीमन के मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श की जरूरत है।

पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अगले हफ्ते संसद की तीन दिवसीय बैठक से पहले विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक बुलोंगे, जिसमें महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन के मुद्दे पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। यह बैठक संभवतः 15 अप्रैल को होगी।

कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में इन विषयों और पश्चिम एशिया संकट पर मंथन किया गया। मुख्य विपक्षी दल ने यह स्पष्ट किया कि वह महिला आरक्षण को लागू करने के समर्थन में है, अगले सप्ताह विपक्षी नेताओं के साथ करेगी बैठक लेकिन परिसीमन के तहत लोकसभा की सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की समानुपातिक वृद्धि के खिलाफ है, क्योंकि इससे दक्षिण भारत के प्रदेशों और छोटे राज्यों का नुकसान होगा।

संसद की तीन दिवसीय बैठक 16, 17 और 18 अप्रैल को होगी

बैठक में खड़गे, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार विधानसभा चुनावों के बीच राजनीतिक लाभ लेने के लिए आनन-फानन में यह कदम उठा रही है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा कि परिसीमन के तहत लोकसभा की सीटों में 50 प्रतिशत की समानुपातिक वृद्धि से दक्षिण भारत राज्यों का नुकसान होगा। सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण कानून में संशोधन करने और लोकसभा सीट की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने के लिए एक विधेयक लाने वाली है, जिसमें 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। संसद की तीन दिवसीय बैठक 16, 17 और 18 अप्रैल को होगी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को उन मसौदा विधेयकों को मंजूरी दी थी, जिनका उद्देश्य 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण से संबंधित नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन करना और लोकसभा सीट की संख्या बढ़ाना है। कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, जयराम रमेश और कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से इस बैठक में शामिल हुई।

खड़गे ने बैठक में दिए अपने शुरुआती संबोधन में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों में राजनीतिक लाभ लेने के लिए महिला आरक्षण कानून में संशोधन करने के लिए संसद की तीन दिवसीय बैठक बुलाई है, जो आचार संहिता का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत के अनुपात में वृद्धि को लेकर जिस परिसीमन की बात हो रही है, उसके गंभीर परिणाम होंगे, ऐसे में परिसीमन को लेकर गहन विचार-विमर्श की जरूरत है।(भाषा) 

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button