नागरिक प्रशासन के प्रधान सचिव को अवमानना नोटिस जारी
हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने नागरिक प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव जयेश रंजन को अवमानना की नोटिस जारी कर सवाल किया कि उन्होंने बाहरी विज्ञापन नीति के संबंध में पहले जारी किए गए न्यायालय के आदेशों का पालन क्यों नहीं किया। अदालत ने उनसे यह भी पूछा कि उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। अदालत ने उन्हें यह स्पष्ट करने का आदेश दिया कि न्यायालय के आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया था।
तेलंगाना आउट डोर मीडिया ओनर्स असोसिएशन सहित चार संगठनों ने अवमानना की याचिकाएँ दायर कर आरोप लगाया कि याचिकाकर्ताओं के आग्रह को ध्यान में रखते हुए नई विज्ञापन नीति बनाने के लिए पिछले फरवरी माह में जारी किए गए आदेशों का पालन नहीं किया गया। इन मामलों की सुनवाई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस एन.वी. श्रवण कुमार ने की।
यह भी पढ़ें… मूसी पुनरुद्धार पर जनता की राय लेगी सरकार
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने दलील देते हुए कहा कि अधिकारियों ने उच्च न्यायालय द्वारा जारी किए गए आदेशों का पालन नहीं किया, जिसने बाहरी विज्ञापन संबंधी सरकारी आदेश संख्या 84 को चुनौती देने वाले पहले के मामलों की सुनवाई की थी। उन्होने कहा कि निजी भवनों सहित 15 फीट से अधिक ऊँचाई वाले होर्डिंग्स पर प्रतिबंध के संबंध में विशेषज्ञ अध्ययनों पर विचार कर नियमों में ढील देने के उनके अनुरोध पर विचार करने और उचित निर्णय लेने के आदेशों का पालन नहीं किया गया है। नागरिक प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव को अवमानना की नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 9 अप्रैल तक स्थगित कर दी गई।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



