सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस उपकरणों पर विवरण तलब
हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस उपकरणों की कमी के बारे में स्पष्टीकरण देने के सरकार को आदेश दिए। एक अधिवक्ता ने उच्च न्यायालय को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस उपकरणों की कमी है और उचित जाँच न किए जाने व रक्त न बदलने के कारण नए रोग सामने आ रहे हैं।
राज्य भर में सरकार और निजी क्षेत्र की साझेदारी के तहत 102 डायलिसिस सेंटर संचालित हैं। सरकार प्रत्येक डायलाइजर के लिए 1,950 रुपये का भुगतान करती है। हालाँकि आरोप है कि जहाँ एक डायलाइजर का उपयोग केवल एक बार किया जाना चाहिए, वहीं इसका उपयोग दो या तीन लोगों के लिए किया जा रहा है और शेष डायलाइजर आरोग्यश्री और अन्य अधिकारियों की मदद से बाहर बेचे जा रहे हैं। पत्र में कहा गया कि रक्त शोधन और डायलिसिस मशीन काम नहीं कर रही है और मरीजों की उचित जाँच नहीं की जा रही है।
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उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एम. मोहियुद्दीन की खण्डपीठ ने इस पत्र को जनहित याचिका के रूप में लेते हुए आज सुनवाई की। सुनवाई के दौरान खण्डपीठ ने प्रतिवादियों, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा निदेशक और आरोग्यश्री के प्रबंध-निदेशक को नोटिस जारी कर प्रतियाचिका दायर करने के आदेश देते हुए सुनवाई चार सप्ताह तक स्थगित कर दी।
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