भद्राचलम मंदिर के विकास के पहले चरण की योजना तैयार करने निर्देश

Ad

हैदराबाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अब तक पूरे हुए ज़मीन अधिग्रहण के अनुसार बनाए गये भद्राचलम मंदिर के विकास से जुड़े कई डिजइनों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को विकास के पहले चरण की योजना तुरंत तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आज रात भद्राचलम के श्री सीतारामचंद्रस्वामी मंदिर के विकास पर एक समीक्षा बैठक की।

सीएमओ ने बताया कि इसमें डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्का, मंत्री कोंडा सुरेखा, तुम्मला नागेश्वर राव, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, सीएस रामकृष्ण राव, मंदिर के ईओ और पुजारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान सीएम ने पहले चरण के विकास कार्य 31 मार्च, 2027 तक पूरा करने की कोशिश करने का सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि गोदावरी पुष्कर समाप्त होने के बाद बाकी दो चरणों को मिलाकर मास्टर प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा।

तत्पश्चात शेष काम पूरा कर लिया जाएगा। राज्य सरकार तेलंगाना के मशहूर तीर्थ स्थल और दक्षिण की अयोध्या के नाम से मशहूर भद्राचलम श्री सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर के समग्र विकास को काफी प्राथमिकता दे रही है। सरकार भद्राचलम को अंतरराष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक केंद्र के तौर पर विकसित करने के लिए आवश्यक योजना बना रही है।

पुष्कर से पहले भद्राचलम मंदिर विकास पर जोर

मंत्री समूह ने भद्राचलम मंदिर के विकास के लिए तैयार किए गए मसौदे मास्टर प्लान की पहले ही समीक्षा की थी। बताया जा रहा है कि सरकार अगले दो सौ सालों को ध्यान में रखते हुए आगम शास्त्र और भक्तों की विश्वास के अनुसार मंदिर का विकास तीन चरणों में करने का निर्णय लिया है। ज्ञातव्य है कि गोदावरी पुष्कर अगले साल 2027 में होने जा रहा है।

सरकार ने गोदावरी पुष्कर शुरू होने तक भद्राचलम में पुष्कर घाट का निर्माण और मंदिर विकास का पहला चरण पूरा करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सरकार ने भद्राचलम के पास रामावरम में एक ट्राइबल म्यूजियम की स्थापना करने का भी निर्णय लिया है। इसके साथ-साथ सरकार कोरिवी वीरभद्र स्वामी मंदिर और मल्लूर स्थित श्री नरसिंह स्वामी मंदिर का भी विकास करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

गोदावरी पुष्कर के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु इन मंदिरों का भी दर्शन करते हैं। ज्ञातव्य है कि सरकार ने अगले वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य में आध्यात्मिक पर्यटन के विकास व मंदिरों में भक्तों के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिए कदम उठाने की घोषणा की थी। बजट में भद्राचलम, धर्मपुरी, वेमुलावाड़ा, कालेश्वरम आदि मंदिरों के विकास के प्रति विशेष ध्यान देने की बात कही गयी थी। उप-मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने अपने बजट भाषण में कहा था कि मंदिरों के विकास कार्यों के लिए आवश्यक निधियाँ जारी की जा रही हैं। गोदावरी पुष्करों के आयोजन के लिए बजट में 500 करोड़ देने का प्रस्ताव रखा गया है।

रेवंत का सिद्दीपेट दौरा आज

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी रविवार को सिद्दीपेट जिले का दौरे करेंगे। वे जिले के नंगुनूरु मंडल स्थित नर्मेट गाँव में नवनिर्मित ऑयल पॉम फैक्ट्री का उद्घाटन करेंगे। कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव, सह मंत्री पोन्नम प्रभाकर व विवेक के साथ मिल कर सीएम के दौरे को सफल बनाने के लिए उठाये गये कदमों की समीक्षा की।

यह भी पढ़े : फोन टैपिंग मामले में और गिरफ्तारियाँ संभव : रेवंत रेड्डी

सरकार द्वारा आज जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि सीएम अपने दौरे के अंतर्गत ऑयल पॉम फैक्ट्री का उद्घाटन करने के बाद वहां पर स्थापित स्टालों का अवलोकन करेंगे। तत्पश्चात राज्य में पहली ऑयल रिफाइनरी का शिलान्यास करेंगे। तत्पश्चात वे आयोजित होने वाली जनसभा को संबोधित करोंगे। मंत्रियों ने सीएम के दौरे के लिए की गयी व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Ad

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button