दो सप्ताह में हो डीजीपी की नियुक्ति : कोर्ट

हैदराबाद, राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय को आश्वासन दिया कि सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश के अनुसार स्थाई पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया को दो सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उपस्थित महाधिवक्ता ए. सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों की सूची यूपीएससी को भेज दी गई थी और यूपीएससी से गत 12 मार्च को सिफारिश भी प्राप्त हो गई है। प्राप्त सिफारिश पर सरकार की ओर से निर्णय लेने के लिए दो सप्ताह का समय देने का आग्रह करने पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस बी. विजयसेन रेड्डी ने आग्रह को स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई 13 अप्रैल तक स्थगित कर दी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता धनगोपाल राव की ओर से अधिवक्ता ने दलील देते हुए कहा कि आईपीएस अधिकारी बी. शिवधर रेड्डी की पुलिस महानिदेशक के पद पर नियुक्ति गैर-कानूनी थी और इस नियुक्ति में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को लागू नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि शिवधर रेड्डी को प्रकाश सिंह बादल के मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक पुलिस महानिदेशक के पद पर नियुक्त नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति अस्थाई तौर पर की गई थी, जबकि नियुक्ति स्थाई तौर पर किया जाना था।

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इसीलिए ये नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ है। इस दौरान हस्तक्षेप कर महाधिवक्ता ने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र के चलते सरकार को फैसला लेने में देरी हुई और यदि दो सप्ताह का समय दिया जाता है, तो सरकार यूपीएससी की सिफारिशी सूची के हिसाब से स्थाई पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति करेगी। दलील सुनने के बाद सुनवाई 13 अप्रैल तक स्थगित कर दी।

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