अमेरिका से परमाणु सहयोग मजबूत करने एवं एलपीजी निर्यात पर चर्चा हुई

वॉशिंगटन, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के साथ अपनी बैठक में परमाणु ऊर्जा, कोयला गैसीकरण (ठोस कोयले को रासायनिक प्रक्रिया के जरिए गैस में बदलना) और एलपीजी निर्यात जैसे नए क्षेत्रों में ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।

अमेरिका में भारतीय दूतावास ने बताया कि अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा के समापन पर मिसरी और राइट के बीच हुई बातचीत में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को गहरा करने और भारत अमेरिका ऊर्जा साझेदारी को सुदृढ़ करने के नए अवसरों की पहचान पर जोर दिया गया। दूतावास ने कहा कि विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट से मुलाकात की। चर्चा का केंद्र ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को गहरा करना और भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी को आगे बढ़ाने के नए रास्ते तलाशना रहा।

कोयला गैसीकरण और अमेरिकी एलपीजी निर्यात जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए तैयार

बैठक में मौजूद भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका, असैन्य परमाणु सहयोग के साथ-साथ कोयला गैसीकरण और अमेरिकी एलपीजी निर्यात जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग के लिए तैयार है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री राइट और विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ अमेरिका-भारत ऊर्जा सहयोग के भविष्य पर चर्चा करना अच्छा रहा। भारत द्वारा शांति विधेयक पारित किए जाने के बाद हम असैन्य परमाणु क्षेत्र के साथ-साथ कोयला गैसीकरण और अमेरिकी एलपीजी निर्यात जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए तैयार हैं।

सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी एक्ट (शांति अधिनियम) को भारत के असैन्य परमाणु क्षेत्र में सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है। यह कानून पिछले दिसंबर से लागू हुआ, जिसने इस क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोल दिया है। इसके साथ ही 1962 का परमाणु ऊर्जा अधिनियम और 2010 का परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम निरस्त कर दिए गए। मिसरी मंगलवार देर रात तीन दिवसीय यात्रा पर अमेरिका पहुँचे थे। इस दौरान उन्होंने रक्षा, वाणिज्य और विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। मिसरी ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी मुलाकात की।

अमेरिका और भारत के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा

इसी दौरान भारतीय वायु सेना प्रमुख ए.पी. सिंह भी अमेरिकी यात्रा पर थे और वह बुधवार को कोलोराडो स्प्रिंग्स स्थित पीटरसन स्पेस फोर्स बेस गए। भारतीय वायु सेना ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने ग्रेगरी एम. गिलोट (अमेरिकी उत्तरी कमान के कमांडर) के साथ अभियान संबंधी जटिल पहलुओं पर सार्थक विचार-विमर्श किया, जो बढ़ती साझेदारी की मजबूती को दर्शाता है।

अलग-अलग बैठकों में गोर ने अमेरिकी उप रक्षा मंत्री स्टीव फाइनबर्ग और सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल के साथ भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है तथा यह दोनों देशों को अधिक सुरक्षित और मजबूत बना रहा है। हमने उप-रक्षा मंत्री फाइनबर्ग के साथ रक्षा उपकरणों की बिक्री और आपसी सामंजस्य बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

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