याचिकाओं के निपटारे तक न गिराएँ मकान : कोर्ट
हैदराबाद, हैदराबाद के सैदाबाद में सर्वे नं. 110 स्थित श्री बंसूरी कृष्ण मंदिर की जमीन पर बने मकानों को गिराने से रोकने के लिए उच्च न्यायालय ने अंतरिम आदेश जारी किए। अदालत ने मंगलवार को इसके संबंध में धर्मस्व विभाग को आदेश जारी किए। न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं के आवास शुल्क का भुगतान करने और मकान में प्रवेश की अनुमति देने के आग्रह को ठुकरा दिया। धर्मस्व विभाग के ट्रिब्यूनल ने इससे पहले फैसला सुनाया था कि सैदाबाद में दो एकड़ से अधिक जमीन श्री बंसूरी कृष्ण मंदिर की है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस नामावरपु राजेश्वर राव ने ट्रिब्यूनल के इस फैसले को चुनौती देने वाली लगभग 11 याचिकाओं पर सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने बताया कि वर्ष 2006 के दौरान याचिकाकर्ताओं ने यह प्लॉट खरीदा था। बाद में उन्होंने इस पर घर बनाया और मकान का टैक्स भी अदा कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने ट्रिब्यूनल के आदेशों के आधार पर अपील दायर की थी, लेकिन उन्हें कोई सूचना दिए बिना उनके घर का सामान निकाल दिया गया और घर खाली करवाकर ताला लगा दिया गया।
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धर्मस्व विभाग की ओर से अधिवक्ता बूक्या मांगीलाल नायक ने दलील देते हुए कहा कि आरडीओ ने संयुक्त ज़िलाधीश के आदेशों के अनुसार पूरी जाँच की और वर्ष 2013 में धर्मस्व विभाग को ओआरसी जारी किया। उन्होंने बताया कि मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण किया गया था और सभी अदालतों से धर्मस्व विभाग के पक्ष में आदेश प्राप्त हुए थे। दलील सुनने के बाद न्यायाधीश ने याचिकाकर्ताओं को घर में जाने की अनुमति देने से इनकार करते हुए अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया, लेकिन याचिकाओं पर फैसला होने तक मकानों को न ढहाने के आदेश दिए।
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