धन संपत्ति व झूठे मान सम्मान पर न करें गर्व : संत राजिन्दर सिंहजी

हैदराबाद, यदि हम जीवन के सच्चे उद्देश्य अपने आपको जानना और पिता-परमेश्वर को पाना चाहते हैं, तो हमें अपने भीतर मौजूद प्रभु के दिव्य खजानों को प्राप्त करना होगा। उक्त उद्गार यहाँ नामपल्ली स्थित प्रदर्शनी मैदान में विश्व-विख्यात आध्यात्मिक गुरु और सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख संत राजिन्दर सिंहजी महाराज के सत्संग और आध्यात्मिक दीक्षा कार्यक्रम के लिए विभिन्न धर्मों से संबंध रखने वाले हजारों भाई-बहन को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

हैदराबाद में संत राजिन्दर सिंहजी महाराज का सत्संग आयोजन

संत राजिन्दर सिंहजी महाराज ने कहा कि मन-इंद्रियों के घाट पर जीवन जीते हुए हम अक्सर गर्व, मोह व अहंकार से भरे रहते हैं। इस दुनिया की सांसारिक वस्तुओं को जमा करते हुए सारी उम्र उन पर घमंड करते हैं। हमें यह ख्याल ही नहीं आता कि असली खजाने कहीं बाहर नहीं, बल्कि हमारे अंदर छिपे हैं। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, तो हम झूठ का भी सहारा लेते हैं। इससे दिन-ब-दिन हमारे ऊपर कर्मों का बोझ और बढ़ता चला जाता है, जिसका नतीजा यह होता है कि हम पिता-परमेश्वर से बहुत दूर हो जाते हैं। ठीक इसके विपरीत ऐसे लोग जिनका ध्यान पिता-परमेश्वर की ओर होता है, केवल वही इस भवसागर से पार होते हैं।

आत्मिक ज्ञान और पिता-परमेश्वर प्राप्ति का अवसर

संत राजिन्दर सिंहजी महाराज ने कहा कि जीव की 84 लाख योनियों में मनुष्य जन्म सबसे उत्तम है, जो हमें अपने आपको आत्मिक रूप में जानने और पिता-परमेश्वर को पाने के लिए दिया गया है। इसको पाकर हम किसी भी चीज़ का गर्व न करें, क्योंकि चाहे कोई बड़े से बड़ा राजा हो, दाशर्निक हो, आर्टिस्ट हो या एक आम इंसान हो। एक न एक दिन सबको इस शरीर को छोड़कर जाना ही पड़ता है।

फिर उसके बाद हमें अपने-अपने रीति-रिवाज़ के अनुसार या तो धरती में गाड़ दिया जाता है या जला दिया जाता है। इसलिए संत-महापुरुष हमें बार-बार यह समझाते हैं कि हमें अपनी धन-संपत्ति और झूठे मान-सम्मान का कभी भी गर्व नहीं करना चाहिए, क्योंकि हमारे मरने के बाद सब कुछ यहीं रह जाता है। महाराज ने कहा कि यदि हमें सत्य को प्राप्त करना है, तो हमें सांसारिक इच्छाओं का त्यागकर अपना ध्यान पिता-परमेश्वर की ओर करना होगा, क्योंकि प्रभु के दिव्य-खजाने हमारे भीतर ही हैं।

ध्यान-अभ्यास के जरिये हम परमानंद और हमेशा-हमेशा की रहने वाली खुशी का जीवन जियें। साथ ही मनुष्य जीवन के उद्देश्य को जल्द से जल्द पूरा करें, ताकि इसी जीवन में हमारी आत्मा का मिलाप पिता-परमेश्वर से हो जाए। यदि हम जीवन के सच्चे उद्देश्य अपने आपको जानना और पिता-परमेश्वर को पाना चाहते हैं, तो हमें अपने भीतर मौजूद प्रभु के दिव्य-खजानों को प्राप्त करना होगा।

यह भी पढ़ें… दान पुण्य कारक नहीं, बल्कि मुक्ति दायक : रमेशजी

नए भाई-बहनों को दी आध्यात्मिक दीक्षा और प्रभु की ज्योति

सत्संग के पश्चात संत राजिन्दर सिंहजी महाराज ने नए भाई-बहनों को आध्यात्मिक दीक्षा देकर प्रभु की ज्योति और श्रुति का अनुभव कराया। आध्यात्मिक कार्यक्रम की शुरुआत में माता रीटाजी ने संत कबीर साहेब द्वारा लिखित भजन का गायन किया। उन्होंने बताया कि संत राजिन्दर सिंहजी महाराज एक लाभ न कमाने वाली संस्था सावन कृपाल रूहानी मिशन के अध्यक्ष हैं, जिसे पश्चिमी देशों में साइंस ऑफ स्पिरिचुएलिटी के नाम से जाना जाता है।

संत राजिन्दर सिंहजी महाराज के जीवन और उनके आध्यात्मिक कार्य को प्रेम और निस्वार्थ सेवा की कभी न खत्म होने वाली यात्रा के रूप में देखा जा सकता है। उनका उद्देश्य विश्व भर के लाखों लोगों को मनुष्य जीवन के मुख्य ध्येय, जो अपने आपको जानना और पिता-परमेश्वर को पाना है, को खोजने में मदद करना है। वह पिछले 35 वर्षों से जीवन के सभी क्षेत्रों के लाखों लोगों को ध्यान-अभ्यास की विधि सिखाकर उन्हें अपने अंदर ही प्रभु की ज्योति और श्रुति का अनुभव करा रहे हैं।

संत राजिन्दर सिंहजी महाराज को विश्वभर में ध्यान-अभ्यास पर आधारित सेमिनारों, आध्यात्मिक पुस्तकों, डीवीडी, ऑडियो बुक, लेख, टीवी, रेडियो, इंटरनेट प्रसारणों तथा सोशल मीडिया के माध्यम से लाखों भाई-बहनों को ध्यान-अभ्यास की विधि सिखाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। संत राजिन्दर सिंहजी की पुस्तकें विश्व की 56 भाषाओं में उपलब्ध हैं, जिनमें मन का शुद्धिकरण मेडिटेशन ऐज़ मेडिकेशन फॉर द सोल, ध्यान-अभ्यास के द्वारा आंतरिक और बाहरी शांति आदि शामिल हैं। सावन कृपाल रूहानी मिशन के संपूर्ण विश्वभर में 3400 से अधिक केन्द्र स्थापित हैं। इसका मुख्यालय विजय नगर, दिल्ली में है तथा अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय नेपरविले, शिकागो, अमेरिका में स्थित है। कार्यक्रम में देश के कई स्थानों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button