ईडी ने सृष्टि फर्टिलिटी मामले में अटैच की 29.76 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियाँ
हैदराबाद, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हैदराबाद जोनल कार्यालय के अधिकारियों ने टीएमएलए-2002 अधिनियम के तहत 29.76 करोड़ रुपये की 50 अचल संपत्तियाँ मामले के संबंध में अटैच कर दी। यह कार्रवाई यूनिवर्सिटी सृष्टि फर्टिलिटी एण्ड परिसर सेंटर के नाम पर डॉ. पी. नम्रता उर्फ अतलूरी नम्रता द्वारा चलाए गए गैर-कानूनी सरोगेसी रैकेट की जाँच के दौरान की गई। अटैच की गई परिसंपत्तियों में भू-प्लॉट, फ्लैट और डॉ. नम्रता व उनके लड़कों के नाम पर एक अस्पताल शामिल हैं। अटैच की गई अचल परिसंपत्तियों की वर्तमान बाजार कीमत 50 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
गौरतलब है कि ईडी ने हैदराबाद के गोपालपुरम पुलिस थाने में डॉ. नम्रता और उनके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, गैर-कानूनी सरोगेसी और बच्चों की तस्करी के लिए दर्ज कई एफआईआर की जाँच-पड़ताल करने के बाद उनके खिलाफ पीएमएलए अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए। इन मामलों की छानबीन के बाद ही ईडी ने डॉ. नम्रता और उनके लड़कों से संबंधित 50 अचल परिसंपत्तियों को मामले से अटैच किया।
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डॉ. नम्रता ने सरोगेसी के आड़ में बच्चों की तस्करी की
ज्ञातव्य है कि जाँच-पड़ताल के दौरान इस बात का खुलासा हुआ था कि डॉ. नम्रता और उसके सहयोगी निसंतान दंपत्तियों को संतानोत्पत्ति का हवाला देकर सरोगेसी की आड़ में बच्चों की तस्करी कर उन्हें लाखों रुपये में बेचते थे। इसके लिए डॉ. नम्रता ने एजेंटों और सब-एजेंटों का एक बड़ा नेटवर्क भी तैयार किया था, जो आदिवासी और पिछले ग्रामीण इलाकों में जाकर गरीब परिवारों के पास से नवजात कन्या शिशु 3.5 लाख रुपये और नवजात बालक शिशु 4.5 लाख रुपये में खरीदकर इन्हें निसंतान दंपत्तियों को सरोगेसी के जरिए संतानोत्पत्ति का हवाला देकर लाखों रुपये में बेच देते थे।
इस प्रकार नम्रता और उसके सहयोगियों ने सिकंदराबाद के यूनिवर्सल सृष्टि फर्टिलिटी एण्ड रिसर्च सेंटर के अलावा विशाखापट्टनम के अस्पताल में इस गोरख धंधे को अंजाम दिया था। जाँच-पड़ताल के दौरान इस बात का भी खुलासा हुआ कि वर्ष 2014 के दौरान इसी प्रकार के गोरख धंधे में डॉ. नम्रता की संलिप्तता पाई गई। उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए और उनके सिकंदराबाद स्थित अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिए जाने के कारण वह विशाखापट्टनम में अपना यह धंधा चला रही थी। इस गोरख धंधे के गुजरात, बेंगलुरू से भी तार जुड़े हुए हैं। गौरतलब है कि गत 12 फरवरी को ईडी ने नम्रता को गिरफ्तार किया। वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है।
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