सरकारी कर्मचारियों के लिए ईवी छूट योजना शुरू
हैदराबाद, परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने आज सरकारी कर्मचारियों में पर्यावरण-अनुकूल विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए उत्साह बढ़ाने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की घोषणा की। आज सचिवालय में एक ऐसे कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को ईवी खरीदने पर कंपनी की ओर से विशेष छूट दी जा रही है।
परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने राज्य सरकारी कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक दोपहिया और कारों पर 20 प्रतिशत तक की छूट सुनिश्चित की है। यह छूट महिंद्रा इलेक्ट्रिक, ओला इलेक्ट्रिक, ग्रैवटन मोटर्स और एथर एनर्जी जैसे प्रमुख ईवी निर्माताओं के साथ कई दौर की बातचीत के बाद प्राप्त की गई।
इस पहल से तेलंगाना के लगभग 5 लाख सरकारी कर्मचारियों को प्रति कर्मचारी 4 लाख तक की बचत हो सकती है। मंत्री बताया कि यह भारत में अपनी तरह की पहली योजना है, जिसमें किसी राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने हेतु मूल उपकरण निर्माताओं से सीधे छूट पर बातचीत की है। यह पारंपरिक टैक्स छूट से आगे बढ़कर सरकारी कर्मचारियों को प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ प्रदान करती है।
देश के लिए आदर्श होगी तेलंगाना की ईवी नीति- पोन्नम
पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि राज्य अब केवल प्रोत्साहन तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि ईवी को अधिक किफायती, सुलभ और दैनिक उपयोग के लिए व्यावहारिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है, जिसकी शुरुआत सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष उपायों से की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी वाहन बेड़ा इलेक्ट्रिक होगा, तब तेलंगाना का हर नागरिक स्वच्छ हवा में सांस ले सकेगा। यह ऐसी शासन व्यवस्था है, जो लोगों और पर्यावरण दोनों की सेवा करती है। इससे पहले, 2024 में तेलंगाना सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सड़क कर और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट को लागू किया था।
मंत्री ने कहा कि राज्य पहले ही अपनी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में 2,800 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन कर रहा है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि टाटा ईवी और अन्य भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से बातचीत की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प, बेहतर तकनीक और अधिक पहुंच उपलब्ध कराई जा सके।
प्रमुख सार्वजनिक पार्किंग स्थलों तक चार्जिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी
तेलंगाना को नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा और भविष्य के अनुरूप परिवहन को बढ़ावा देने वाले एक अग्रणी राज्य के रूप में स्वच्छ हवा, ईंधन पर कम निर्भरता और भारत में हरित मोबिलिटी का मॉडल राज्य बनाने के उद्देश्य से काम किया जा रहा है। ईवी अपनाने को बढ़ावा देने के लिए राज्य में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार किया जाएगा। तेलंगाना सचिवालय से लेकर जिला और मंडल स्तर के सरकारी कार्यालयों तथा प्रमुख सार्वजनिक पार्किंग स्थलों तक चार्जिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि ईवी उपयोगकर्ताओं को सुविधा और भरोसा मिल सके।
इसके साथ ही होटल, मॉल, व्यावसायिक परिसरों और सार्वजनिक पार्कों में भी ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का आह्वान किया गया है, ताकि रोजमर्रा के पार्किंग स्थानों पर चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध हो सके। मंत्री ने कहा कि हैदराबाद प्रदूषण के मामले में दिल्ली जैसा ने बने, इसके लिए प्रयास किये जा रहे हैं।
वर्तमान में पेट्रोल, डीजल या गैस पर चल रहे लगभग एक लाख ऑटो-रिक्शा को इलेक्ट्रिक किट से परिवर्तित किया जाएगा। उपभोग के दृष्टिकोण से तेलंगाना खुद को एक ईवी हब के रूप में स्थापित कर रहा है, जिससे उत्पादन कंपनियां भी आकर्षित होंगी। इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव के. रामकृष्णा राव एवं विभिन्न ईवी कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
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