असम से हर घुसपैठिए की पहचान कर हटाएंगे : गृह मंत्री अमित शाह

ढेकियाजुली (असम), केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्षों में असम में घुसपैठ को रोका है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है, क्योंकि प्रत्येक अवैध प्रवासी को उनके देशों में वापस भेजा जाना चाहिए।

सोनितपुर जिले के ढेकियाजुली विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि भाजपा ने 10 साल पहले असम में घुसपैठियों को रोकने का वादा किया था और उस वादे को निभाया। शाह ने कहा, हालाँकि, यह पर्याप्त नहीं है, क्योंकि हमें अगले पाँच वर्षों में प्रत्येक अवैध प्रवासी को देश से बाहर भेजना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों ने असम के मूल निवासियों के रोजगार छीन लिए हैं और गरीबों का अनाज हड़प लिया है।

शाह ने दावा किया कि हिमंत विश्व शर्मा सरकार ने घुसपैठियों द्वारा कब्जा की गई 1.25 लाख एकड़ भूमि को मुक्त करा दिया है और अगले पाँच वर्षों में शर्मा यह सुनिश्चित करेंगे कि एक इंच भूमि भी उनके कब्जे में न रहे। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने घुसपैठियों को संरक्षण देने के लिए राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध किया है।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई घुसपैठियों को संरक्षण देना चाहते हैं। शाह ने गोगोई से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। शाह ने आरोप लगाया, कांग्रेस ने अपने शासनकाल के दौरान देश की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया और पाकिस्तान से आए आतंकवादियों को हमारे देश में लोगों की हत्या करने की खुली छूट दी।

शाह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवादियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, जब आतंकवादियों ने उरी में हमला किया, तो प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक का आदेश दिया, जबकि पुलवामा हमले के बाद बालाकोट हवाई हमला हुआ, और पहलगाम घटना के बाद उन्होंने आतंकवादियों को सबक सिखाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर का आदेश दिया।

शाह ने कहा, भाजपा सरकार ने असम में घुसपैठ रोक दी है, लेकिन यह काफी नहीं है। हर अवैध प्रवासी को वापस भेजा जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से विधानसभा चुनावों में भाजपा को वोट देने का आग्रह किया, ताकि हिमंत विश्व शर्मा को फिर से मुख्यमंत्री बनाया जा सके और असम को घुसपैठिया मुक्त बनाया जा सके तथा शांति और विकास सुनिश्चित किया जा सके।

इस बीच, भाजपा के एक नेता ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ढेकियाजुली विधानसभा क्षेत्र में रविवार को होने वाली चुनावी रैली भारी बारिश के कारण देरी से हो सकी। नेता ने बताया कि शाह का कार्यक्रम सुबह करीब 11 बजे शुरू होना था, लेकिन खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। भाजपा नेता ने बताया कि शाह बाद में सड़क मार्ग से ढेकियाजुली के लिए रवाना हुए, जिसके चलते रैली में लगभग तीन घंटे की देरी हुई। असम विधानसभा की 126 सीट के लिए चुनाव नौ अप्रैल को होंगे और मतगणना चार मई को होगी।

पाँच लाख का इनामी नक्सली ढेर

सुकमा, छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में रविवार को सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में पाँच लाख रुपये के इनामी एक नक्सली को मार गिराया गया। यह घटना केंद्र द्वारा देश से वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए निर्धारित 31 मार्च की समय सीमा से दो दिन पहले हुई। सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि गोलीबारी पोलमपल्ली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जंगल में हुई, जहाँ सुरक्षाकर्मियों की एक टीम नक्सल रोधी अभियान पर तैनात थी।

गोलीबारी रुकने के बाद घटनास्थल से एक नक्सली का शव और हथियार बरामद किए गए। अधिकारी ने बताया कि मृतक मुचाकी कैलाश माओवादियों की प्लाटून नंबर 31 का सेक्शन कमांडर था और उस पर पाँच लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने कहा कि कैलाश नागरिकों की हत्या, देसी बम लगाने और पुलिस पर हमले जैसी घटनाओं में शामिल था। यह मुठभेड़ केंद्र द्वारा देश से सशस्त्र नक्सलवाद को खत्म करने के लिए निर्धारित 31 मार्च की समय सीमा से ठीक दो दिन पहले हुई है।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि माओवादी कार्यकर्ताओं के लिए आत्मसमर्पण और पुनर्वास का जो अवसर उपलब्ध था, वह अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गया है और उनके पास इसका लाभ उठाने के लिए बहुत सीमित समय बचा है। उन्होंने माओवादी कार्यकर्ताओं से इस अवसर का लाभ उठाने, हिंसा का मार्ग त्यागने और समाज की मुख्यधारा में लौटकर शांतिपूर्ण, सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन जीने की अपील की।(भाषा)

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