निजी डिग्री कॉलेजों हेतु फेशियल रिकग्निशन उपस्थिति होगी अनिवार्य
हैदराबाद, सरकार ने राज्य के सभी निजी डिग्री कॉलेजों में आगामी शैक्षणिक सत्र से फेशियल रिकग्निशन आधारित उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग की सचिव योगिता राणा की अध्यक्षता में आयोजित प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों की उपस्थिति में पारदर्शिता लाना और उनकी शैक्षणिक प्रगति को सुनिश्चित करना है।
इस संबंध में सभी विश्वविद्यालयों से जल्द ही अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले कॉलेजों को दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही गई। बैठक के दौरान टीजीसीएचई के अध्यक्ष प्रोफेसर वी. बालकिस्ता रेड्डी ने शैक्षणिक सुधारों पर बल देते हुए कहा कि इस शैक्षणिक वर्ष से स्नातक स्तर पर नए और नवाचार पाठ्यक्रम शुरू किए जाएँगे। साथ ही छात्रों की मदद के लिए एआई-सक्षम ट्यूटर सपोर्ट और व्यापक शिक्षण सामग्री आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।
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कम दाखिले वाले कॉलेज छात्रों को मिलेगा विकल्प
कॉलेजों के लिए अब यह भी अनिवार्य होगा कि वह छात्रों की इंटर्नशिप के लिए विभिन्न संस्थानों के साथ समझौते ज्ञापन करें।प्रो. रेड्डी ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया को लेकर कड़े रुख अपनाए जा रहे हैं। जिन कॉलेजों में दोस्त पोर्टल के माध्यम से पंद्रह प्रतिशत या उससे कम दाखिले हुए, वहाँ के छात्रों को बेहतर अवसर के लिए दूसरे कॉलेजों में प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है।
इसके अतिरिक्त निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकता है। बैठक के दौरान मौजूदा बकेट सिस्टम की समीक्षा करने के साथ एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। यह समिति तेलंगाना तथा पड़ोसी राज्यों में मौजूदा ढाँचे का अध्ययन करते हुए अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए आवश्यक संशोधनों की सिफारिश करेगी।
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