एफएलओ ने मनाया देश की विकास गाथा में महिलाओं के योगदान का जश्न

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हैदराबाद, फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन हैदराबाद चैप्टर ने गच्ची बावली स्थित प्रधान कन्वेंशंस में ‘विकसित भारत 2047 भारत के परिवर्तन का नेतृत्व करतीं महिलाएँ’ शीर्षक से महिला दिवस समारोह का आयोजन किया। विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य देश की विकास गाथा में महिलाओं के योगदान का जश्न मनाना था।

अवसर पर एफएलओ हैदराबाद की चेयरपर्सन प्रतिभा कुंडा तथा वी हब की सीईओ सीता पल्लाचोला के संचालन में टाइम्स नाउ तथा नवभारत की ग्रुप एडिटर-इन-चीफ नविका कुमार के साथ रोचक बातचीत की गई। इस चर्चा के दौरान भारत के भविष्य को आकार देने में महिलाओं की भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के दौरान नविका कुमार ने पत्रकारिता और नेतृत्व के क्षेत्र में अपनी यात्रा से जुड़े अनुभव साझा किए।

नविका कुमार ने कहा कि बिना किसी योजना के वह बस समय के साथ चलती रहीं। आज वह दो राष्ट्रीय समाचार चैनलों का नेतृत्व करने वाली पहली महिला हैं। दिल्ली में प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक थी, लेकिन मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर ध्यान केंद्रित किया। कई लोगों का मानना था कि मैं कुछ महीनों से ज़्यादा नहीं टिक पाऊँगी, लेकिन आज बीस साल से भी अधिक समय बाद भी मज़बूती से आगे बढ़ रही हूँ। अगर बिहार के एक छोटे से गाँव की लड़की सफलता का सफर तय कर सकती है, तो आप भी कर सकते हैं।

नविका कुमार ने कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी के बारे में बात करते हुए अधिक समावेश की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाएँ जनसंख्या का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा हैं, फिर भी आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी केवल 27 प्रतिशत के आसपास है। इसमें बदलाव होना चाहिए। हममें से प्रत्येक को कार्यबल में कम से कम एक और महिला को शामिल करने में मदद करनी चाहिए।

एआई, तकनीक और वित्त में महिलाओं की भागीदारी जरूरी

राजनीति में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के विषय पर उन्होंने 30 प्रतिशत आरक्षण विधेयक के लागू होने की आशा व्यक्त करते हुए वास्तविक प्रतिनिधित्व के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक अवसर मौजूदा राजनेताओं के परिवार के सदस्यों तक ही सीमित नहीं रहने चाहिए। नविका कुमार ने युवा उद्यमियों तथा महिलाओं को सफलता के सूत्र देते हुए साहसी और महत्वाकांक्षी बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अपने पेट में भूख रखो, जोखिम उठाओ, बाधाओं को तोड़ो और संभावनाओं को फिर से परिभाषित करो।

नविका कुमार ने कहा कि महिलाओं को उभरते क्षेत्रों द्वारा प्रस्तुत अवसरों को नहीं गंवाना चाहिए। महिलाओं को एआई क्रांति, प्रौद्योगिकी और वित्तीय नियोजन में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। यह भविष्य को आकार देने वाले महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल हैं। प्रतिभा कुंडा ने कहा कि जब हम विकसित भारत की बात करते हैं, तो अक्सर बुनियादी ढाँचे, प्रौद्योगिकी और आर्थिक विकास की चर्चा करते हैं। एक विकसित राष्ट्र की असली नींव लोग होते हैं, विशेष रूप से वह महिलाएँ जिन्हें सीखने, कमाने और नेतृत्व करने का अवसर दिया जाता है।

शिक्षा व कौशल विकास से 6 हजार से अधिक महिलाएं लाभान्वित

एफएलओ हैदराबाद में हम इस बदलाव को करीब से देखते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे लिए सशक्तिकरण सिर्फ एक नारा नहीं है। यह निरंतर किया जाने वाला वह काम है, जिसके द्वारा हजारों महिलाओं के लिए गरिमा के साथ आगे बढ़ने के द्वार खोले जाते हैं। अवसर पर बताया गया कि यह आयोजन एफएलओ हैदराबाद के लिए वर्ष के दौरान शुरू की गई कई पहलों के प्रभाव को प्रस्तुत करने का मंच भी था, जिसमें शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका सहायता के माध्यम से सशक्तिकरण के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को उजागर किया गया।

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शिक्षा पहल के तहत एफएलओ हैदराबाद ने डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, संचार कौशल और एआई जागरूकता जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से 4,187 छात्राओं तक पहुँच बनाई, युवा महिलाओं को आवश्यक जीवन और व्यावसायिक कौशल से लैस किया गया। कौशल विकास पहल से 2,026 महिलाओं को लाभ हुआ। व्यावसायिक कौशल में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे वह आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकें। साथ ही एफएलओ ने आदिलाबाद की प्राचीन मोम-आधारित धातु ढलाई की परंपरा डोकरा को पुनर्जीवित करने में योगदान प्रदान किया।

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