विदेश सचिव विक्रम मिसरी की यूरोप यात्रा, पश्चिम एशिया संकट में रणनीति

नयी दिल्ली, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ऊर्जा, व्यापार और रक्षा से जुड़ी उच्च स्तरीय वार्ताओं के लिए रविवार से पेरिस और बर्लिन की तीन दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। यह यात्रा पश्चिम एशिया में जारी संकट की पृष्ठभूमि में हो रही है। फ्रांस और जर्मनी की यह यात्रा उनकी अमेरिका यात्रा के बाद हो रही है, जहां उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अलावा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी।

पश्चिम एशिया संकट और उसका ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव पेरिस और बर्लिन में होने वाली वार्ताओं में प्रमुख मुद्दा रहेगा। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि पेरिस में विदेश सचिव फ्रांस के विदेश मंत्रालय के महासचिव मार्टिन ब्रिएंस के साथ भारत-फ्रांस विदेश कार्यालय परामर्श की सह-अध्यक्षता करेंगे।

मिसरी की यूरोप यात्रा में द्विपक्षीय संबंधों पर वार्ता

विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेता रक्षा, असैन्य परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, साइबर और डिजिटल क्षेत्र, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा वैश्विक और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर भी विचार-विमर्श होगा। बर्लिन में विदेश सचिव मिसरी जर्मन विदेश कार्यालय के सचिव गेजा आंद्रेयास वॉन गेय्र के साथ भारत-जर्मनी विदेश कार्यालय परामर्श की सह-अध्यक्षता करेंगे।

यह भी पढ़े : महिला आरक्षण पर यू-टर्न, पीएम देश की महिलाओं से मांगें माफी: कांग्रेस

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि इन वार्ताओं में व्यापार और निवेश, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा, विकास सहयोग, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों के साथ-साथ आपसी हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी। मिसरी के पेरिस और बर्लिन में अन्य गणमान्य व्यक्तियों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से भी मुलाकात करने की संभावना है।(भाषा)

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button