‘वनवासी’ शब्द पर राहुल गांधी का हमला, आदिवासी अधिकारों की बात

वडोदरा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आदिवासियों के लिए वनवासी शब्द के इस्तेमाल को लेकर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा तथा दावा किया कि उन्होंने इस शब्द को इसलिए गढ़ा है, ताकि पानी, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के मूल स्वामित्व को नकारा जा सके, जो सदियों से उन्हीं का है।

वडोदरा में आयोजित आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन को संबोधित करते हुए गांधी ने जाति जनगणना की अपनी मांग को दोहराया, जिसे उन्होंने आदिवासियों के लिए देश की सत्ता और संपदा में अपना हिस्सा पाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आदिवासी से तात्पर्य भारत के मूल निवासियों से है। यदि आप इस भूमि पर 1,000, 2,000 या यहां तक कि 5,000 वर्ष पहले भी आते, तो आप पाते कि जमीन का एक-एक इंच आदिवासियों के हाथों में था।’’ उन्होंने कहा “अब, 21वीं सदी में एक नया शब्द सामने आया है– आरएसएस और भाजपा द्वारा गढ़ा गया एक शब्द ‘वनवासी’। वनवासी शब्द का तात्पर्य है कि आप इस भूमि के मूल स्वामी नहीं थे। दूसरी ओर, आदिवासी शब्द का अर्थ है कि यह देश आपका था, इसका जल, जंगल और जमीन सही मायने में आपकी थी।”

गांधी ने कहा कि आदिवासियों को वनवासी कहना संविधान और पूज्य आदिवासी नेता बिरसा मुंडा पर हमला है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘वनवासी शब्द का प्रयोग यह दर्शाता है कि आप मूल स्वामी नहीं थे- बल्कि मूल स्वामी कोई और था और जल, जंगल एवं जमीन आपकी नहीं थी; आप केवल संयोगवश वन में निवास करते थे।’

गांधी ने कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते में पहली बार देश के कृषि क्षेत्र को सरकार द्वारा अमेरिकी उत्पादों के लिए खोला गया है, ऐसा पहले कभी नहीं किया गया था। भाषा 

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button