स्वयं सहायता समूह महिलाओं को ऋण देना राष्ट्र के लिए सबसे सुरक्षित निवेश : शिवराज सिंह चौहान
हैदराबाद, केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ऋण देना जोखिम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के लिए सबसे सुरक्षित निवेशों में से एक है।
महिला नेतृत्व वाले उद्यमों की परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी हितधारकों के सामूहिक सहयोग से दीदी लखपति से करोड़पति बन सकती हैं, जिससे महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण परिवर्तन में तेजी आएगी और विकसित भारत के दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। महिला सशक्तिकरण केवल एक योजना नहीं, हमारी सरकार का एक महत्वाकांक्षी मिशन है।
ग्रामीण वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में नीतिगत संवाद को आगे बढ़ाने और समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बेगमपेट स्थित होटल आईटीसी काकतिया में आज केंद्रीय स्तरीय समन्वय समिति (सीएलसीसी) की 25वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने अंतिम छोर तक वित्तीय पहुंच को मजबूत करने, उद्यम वित्तपोषण का विस्तार करने और ग्रामीण परिवारों के लिए जोखिम संरक्षण तंत्र में सुधार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्वयं सहायता समूहों को 100% ऋण कवरेज और वित्तीय सहायता मिलेगी
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए बड़ा वित्तीय पैकेज निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार अगले पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके तहत हर वर्ष लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का वितरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होगा और सभी राज्यों को पात्रता के आधार पर योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सभी पात्र स्वयं सहायता समूहों को 100 प्रतिशत ऋण कवरेज दिया जाएगा और कोई भी समूह वित्तीय सहायता से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि समूहों के साथ-साथ अब व्यक्तिगत महिलाओं को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इस उद्देश्य से 1.5 लाख करोड़ रुपये तक का ऋण व्यक्तिगत महिला उद्यमियों को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य 50 लाख स्वयं सहायता समूह परिवारों को प्रति परिवार 10 लाख रुपये तक की संपत्ति निर्माण में सक्षम बनाना है, ताकि वे स्थायी आय के स्रोत विकसित कर सकें।
50 लाख महिला उद्यमियों को डिजिटल भुगतान प्रणाली से जोड़ा जाएगा
इसके अतिरिक्त 1.5 करोड़ महिलाओं को पेंशन योजनाओं से जोड़ा जाएगा। साथ ही 90 प्रतिशत एचजीएच सदस्यों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत बीमा कवरेज प्रदान किया जाएगा। इस प्रकार लोन, बीमा और पेंशन की त्रिस्तरीय व्यवस्था से परिवारों को पूर्ण आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। डिजिटल भुगतान और वित्तीय साक्षरता पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार 4 करोड़ एचजीएच परिवारों के लिए व्यापक वित्तीय योजना तैयार करेगी। साथ ही 50 लाख महिला उद्यमियों को डिजिटल भुगतान प्रणाली से जोड़ा जाएगा और वित्तीय साक्षरता अभियान चलाया जाएगा।
शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं सहायता समूहों के लिए बैंक संपर्क को मजबूत करने और व्यक्तिगत महिला उद्यमियों को समर्थन देने के लिए एक केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर जोर दिया। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने अवसर पर कहा कि भारत की वित्तीय समावेशन यात्रा को अब उद्यम-नेतृत्व वाले सशक्तिकरण की ओर विकसित होना चाहिए, जिसमें वित्त तक पहुंच से ध्यान हटाकर उत्पादक ऋण, उद्यम प्रोत्साहन और सतत वित्तीय क्षमता पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
ग्रामीण विकास में वित्तीय नवाचार और समावेशी विकास पर जोर
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री सीताक्का ने बैठक में कहा कि हालांकि तेलंगाना देश का सबसे युवा राज्य है, लेकिन यहां सबसे पुराना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मिशन के नेतृत्व में किए गए हस्तक्षेप तेलंगाना की महिलाओं को उद्यम निर्माण के अगले चरण का नेतृत्व करने में सक्षम बनाएंगे।
बैठक में ग्रामीण विकास मंत्रालय के ग्रामीण विकास सचिव शैलेश कुमार सिंह, अतिरिक्त सचिव टी.के. अनिल कुमार, संयुक्त सचिव स्मृति शरण और संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा सहित तेलंगाना सरकार के पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास के प्रधान सचिव एन. श्रीधर, एसईआरपी तेलंगाना की मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिव्या देवराजन एवं अन्य अधिकारियों सहित नाबार्ड, आरबीआई, बैंकों, एशियाई विकास बैंक और विभिन्न राज्यों के स्वयं सहायता समूह के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। बैठक का समापन हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत करने, वित्तीय नवाचार को बढ़ावा देने और ग्रामीण भारत में समावेशी विकास को गति देने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ।
तेलंगाना को मिलेगा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ
शिवराज सिंह चौहान ने अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्रता के अनुसार तेलंगाना में आवास स्वीकृत करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि खेद का विषय है कि तेलंगाना में पिछली सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का पूरा लाभ नहीं उठाया। हमने आवास स्वीकृत कर पहली किश्त भेज दी थी, लेकिन कई वर्षों तक उसका उपयोग नहीं हुआ। अंतत 2023 में पहली किश्त की राशि राज्य सरकार ने वापस कर दी।
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इसका अर्थ यह है कि लाखों गरीब ग्रामीण परिवार जो मकान पा सकते थे, वे इस योजना से वंचित रह गए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हर्ष का विषय है कि तेलंगाना राज्य के मुख्यमंत्री तथा ग्राम्य विकास मंत्री ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ने का आग्रह किया। इस कड़ी में आवास प्लस मोबाइल ऐप के माध्यम से 11,56,929 संभावित ग्रामीण परिवारों की पहचान की गई है। पात्र परिवारों को चरणबद्ध तरीके से आवास स्वीकृत किए जाएंगे।
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