महावीर जयंती का वैश्विक संदेश
भगवान महावीर का जन्म 599 ईसा पूर्व बिहार के वैशाली क्षेत्र के कुंडाग्राम गांव में हुआ था। उन्होंने राजसी जीवन का त्याग करके कठोर तपस्या और ध्यान माध्यम से ज्ञान प्राप्त किया था। उनके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण शिक्षाओं में यह है कि सच्ची शांति, बाहरी सुकून में नहीं बल्कि भीतर की साधना में है।
इसलिए उन्होंने जीवन को महत्वपूर्ण बनाने के लिए पांच प्रमुख व्रत बताये थे अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह। इंसान के साथ प्रकृति को भी उतना महत्वपूर्ण समझना है। कटु शब्दों को भी हिंसा के रूप में लेना है और इच्छाओं पर नियंत्रण की सच्ची स्वतंत्रता हासिल करनी है। इसके साथ ही दूसरों की मदद को सबसे बड़ा पुण्य समझना है।
- सिगरेट, शराब व अश्लीलता के बुलावे लुभाते हैं, मगर मंत्र-जाप, सामायिक व धर्म की बातें काटने को आती हैं।
- फूहड़ संगीत पर बजते ऊटपटाँग गाने अच्छे लगते हैं, पर प्रभुभक्ति के भजन और आरती बोरिंग लगती है।
- सैर-सपाटे के लिए जितना मर्जी घूम-फिर और खर्च कर सकते हैं मगर तीर्थों की यात्रा करने से कतराते हैं।
- स्वच्छंदता और आजादी अच्छी लगती है मगर नियम व संयम में रहना बंधन लगता है।
- नौकरियों का पैकेज तो लाखों-करोड़ों में चाहते हैं मगर दान देते वक्त जेब में पैसे कम पड़ जाते हैं।
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