गोल्ड सिक्का लिमिटेड की ‘ग्लोबल गोल्ड सिटी’ योजना तैयार
हैदराबाद, स्वर्ण उद्योग के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए हैदराबाद मुख्यालय आधारित गोल्डसिक्का लिमिटेड ‘ग्लोबल गोल्ड सिटी’ की घोषणा की गई है। यह दुनिया का पहला एकीकृत गोल्ड इकोसिस्टम होगा, जो सोने के खनन से लेकर खुदरा बिक्री तक पूरी प्रक्रिया को एक ही छत के नीचे लाएगा। इस मंच के माध्यम से गोल्ड सिक्का का लक्ष्य सोने को उत्तरदायी, पारदर्शी और सीमाहीन संपत्ति के रूप में नई आर्थिक व्यवस्था के लिए स्थापित भी करना है। इस परियोजना के तहत अपनी तरह की पहली गोल्ड यूनिवर्सिटी की स्थापना भी शामिल है।
जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गोल्डसिक्का लिमिटेड के नेतृत्व ने कहा कि वैश्विक स्वर्ण उद्योग लंबे समय से खंडित मूल्य श्रृंखलाओं और अप्रचलित प्रणालियों से बाधित रहा है। अपारदर्शी खनन पद्धतियां, अक्षम आपूर्ति और भंडारण अवसंरचना, सीमित भंडार पारदर्शिता तथा मानकों के अनुपालन में कमियों के साथ-साथ सीमा पार मुद्रा के रूप में स्वर्ण के लिए समर्थन की कमी जैसी चुनौतियों कई बाधाएं उत्पन्न की हैं।
ग्लोबल गोल्ड सिटी को इन प्रणालीगत समस्याओं के संरचनात्मक समाधान के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो खदान से बाजार तक भौतिक से डिजिटल तक तथा स्थानीय से वैश्विक तक की प्रक्रियाओं को सहज रूप से एकीकृत करेगा। इस पहल का एक मुख्य आकर्षण प्रस्तावित गोल्ड यूनिवर्सिटी की स्थापना भी है। यह सोने के क्षेत्र में कौशल विकास, नवाचार और उन्नत शिक्षा को बढ़ावा देना देते हुए कारीगरों, नवप्रवर्तकों और उद्यमियों को प्रशिक्षण देकर इस क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करेगी।
यह भी पढ़ें… अजय शर्मा ने संभाला एनटीपीसी में आरईडी (दक्षिण) का अतिरिक्त प्रभार
2,000 एकड़ में विकसित होगा अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण केंद्र
गोल्डसिक्का लिमिटेड के एमडी तथा सीईओ एस.वाई. तारुज ने कहा कि ग्लोबल गोल्ड सिटी का उद्देश्य विश्व स्तरीय विशेष आर्थिक क्षेत्र की स्थापना करके भारत के भीतर इस संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को एकीकृत करना है। उन्होंने कहा कि लगभग 2,000 एकड़ के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में परिकल्पित यह परियोजना खनन, शोधन, डिजाइन, बीमा, वित्तपोषण और सीमा पार व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों के वैश्विक खिलाड़ियों को एक साथ लाते हुए वैश्विक स्वर्ण उद्योग के लिए एक केंद्रीय आधार तैयार करेगी। इस परियोजना में खनन, शोधन, विनिर्माण, डिजाइन और ज्ञान सहित दस विशिष्ट क्लस्टर होंगे।
साथ ही स्वर्ण मूल्य श्रृंखला में प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करने के लिए अपनी तरह का पहला विश्वविद्यालय भी शामिल है। यह वैश्विक केंद्र दुबई और ज्यूरिख जैसे बड़े बाजारों को भारत के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ेगा। साथ ही 10 लाख नौकरियों के साथ-साथ 40 से 50 बिलियन डॉलर के वार्षिक टर्नओवर का लक्ष्य भी रखा गया है।उन्होंने कहा कि इस परियोजना को फलने-फूलने के लिए मजबूत नीतिगत समर्थन की आवश्यकता है। जिसके लिए तेलंगाना, आंध्र प्रदेश तथा केरल सरकारों के साथ सक्रिय बातचीत जारी है।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



