राज्यपाल का अभिभाषण तेलंगाना के विकास का स्पष्ट रोडमैप : रेवंत रेड्डी
हैदराबाद, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि यह राज्य की जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप तेलंगाना के विकास के लिए स्पष्ट रोडमैप है। अपने भाषण के बीच विपक्ष विशेषकर बीआरएस को लगातार निशाना बनाते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि विपक्ष विकास में भागीदार नहीं बनना चाहता, लेकिन सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छह गारंटियों पर अमलावरी सरकार का वादा है और प्राथमिकता के अनुसार क्रियान्वयन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने विधानसभा के बजट सत्र में अपने रिकॉर्ड ढाई घंटे से अधिक भाषण में सरकार की विकासात्मक योजनाओं और विकास के लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए निरंतर विपक्ष पर निशाना साधा। विपक्ष की बेंचों से लगातार शोर शराबे को नजरअंदाज करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपना बयान जारी रखा। उन्होंने विपक्ष के नेता के. चंद्रशेखर राव की राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान अनुपस्थित की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक विधायक के रूप में केसीआर ने सदन में उपस्थित हुए बिना 1.06 करोड़ रुपये वेतन और भत्ते प्राप्त किए। इसलिए सदन में उपस्थित हुए बिना वेतन लेने की प्रथा पर निर्णय लेने की आवश्यकता है।
बीआरएस शासनकाल में अतिक्रमण समर्थन और विरोध का विरोधाभास
राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार को उम्मीद थी कि केसीआर सत्र में भाग लेकर महत्वपूर्ण सुझाव देंगे और नए राज्यपाल को शुभकामनाएँ भी देंगे, लेकिन मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2023 के चुनावों में सत्ता खोने के बाद भी बीआरएस नेतृत्व ने अहंकार नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि बीआरएस शासन के दौरान शासकों ने तानाशाही रवैया अपनाया था और आज भी कुछ नेता खुद को राजा समझते हैं, जबकि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केसीआर का सदन से लगातार अनुपस्थित रहना विधायी संस्थाओं के प्रति अनादर दर्शाता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले दिनों में केसीआर सदन में उपस्थित होंगे।
मूसी के किनारों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर केटीआर के बयानों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके शासनकाल के वीडियो चलाकर बताया कि किस तरह उन्होंने कब्जे हटाने की बात की थी। उन्होंने कहा कि बीआरएस सरकार के समय वही नेता अतिक्रमण हटाने का समर्थन करते थे, लेकिन अब उसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि सरकार बीआरएस शासन काल और वर्तमान सरकार के दौरान अतिक्रमण और तोड़फोड़ की जाँच के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान मूसी-उप्पल भगायत क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की भी जाँच की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता जताई
मुख्यमंत्री ने शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता जताते हुए कहा कि इसे कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की खरीद पर कर में छूट दी है और क्योर योजना के तहत चल रहे ऑटो रिक्शा को इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर हम शहर और झीलों को संरक्षित नहीं कर पाए, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें माफ नहीं करेंगी। उन्होंने साबरमती, गंगा और यमुना नदियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ भी प्रदूषण को कम करने तथा नदियों को सुरक्षित एवं संरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने तेलंगाना राइजिंग 2047 विजन दस्तावेज का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य तेज़ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे बड़े बदलावों का सामना करने के लिए नीति तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य को 2034 तक एक ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष सहयोग करने के लिए तैयार नहीं है, इसके बावजूद सरकार राज्य के विकास के लिए आगे बढ़ रही है।
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नहीं बदल रहा है विपक्ष का अहंकार
रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकार भविष्य की योजनाओं के साथ आगे बढ़ रही है। बीआरएस ने अभी तक अपना अहंकारी रवैया नहीं बदला है। वह विकास के लिए एकजुट होना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष अहंकार दिखा रहा है। विपक्ष का व्यवहार 4 करोड़ जनता के लिए निराशाजनक है। सत्ता खोने के बावजूद उनकी राजशाही प्रवृत्ति समाप्त नहीं हुई। वह तानाशाही प्रवृत्तियों से लोकतंत्र का मजाक उड़ा रहे हैं।
विपक्ष में होने के बावजूद उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। कुछ लोग खुद को राजा समझते हैं। वह अब भी अहंकार से भरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, चेन्नई जैसे शहरों में लोग प्रदूषण और यातायात की समस्याओं से जूझ रहे हैं। सरकार तालाबों, नहरों और फुटपाथों को अतिक्रमण से बचा रही है। हैदराबाद को प्रदूषण और यातायात समस्या से मुक्त शहर बनाने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री के भाषण के बाद भारी शोर शराबे के बीच विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार ने कांग्रेस के विधायक बालू नायक द्वारा प्रस्तावित तथा आदि श्रीनिवास द्वारा समर्थित राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किये जाने की घोषणा की।
विधान परिषद में पारित हुआ धन्यवाद प्रस्ताव
विधान परिषद में विधायी मामलों के मंत्री श्रीधर बाबू द्वारा चर्चा के दौरान सदस्यों द्वारा व्यक्त किये विचारों पर प्रतिक्रिया के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया।
20 को 12 बजे प्रस्तुत किया जाएगा वार्षिक बजट
तेलंगाना विधानसभा और और विधान परिषद में बजट सत्र के दौरान शुक्रवार, 20 मार्च को वार्षिक बजट 2026-27 प्रस्तुत किया जाएगा।
धन्यवाद प्रस्ताव पारित किये जाने के दौरान विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार ने बताया कि सत्र की अगली बैठक 20 मार्च को दोपहर 12 बजे शुरू होगी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 20 मार्च को बजट पेश करने की घोषणा पहले ही कर दी है।
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