गारंटियों की गारंटी : छह चुनावी वादों के लिए 50,713 करोड़ रुपये आवंटित
हैदराबाद, राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 3,24,234 लाख करोड़ रुपये का बजट शुक्रवार को पेश किया। यह मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 की तुलना में करीब 20,000 करोड़ रुपये अधिक है। इसमें मूसी नदी तट के सैंदर्यीकरण और हैदराबाद मेट्रो रेल के दूसरे व तीसरे चरण जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के साथ-साथ चुनावी वादों को पूरा करने पर जोर दिया गया है।
नौ नई योजनाएँ घोषित
- 1.15 करोड़ परिवारों को 5-5 लाख की बीमा
- 2 लाख अतिरिक्त पेंशन देने की घोषणा
- तेलंगाना पब्लिक स्कूल स्थापित होंगे
- इंटर तक के विद्यार्थियों को नाश्ता योजना
- इंटर के विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन
- सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम
- एटीसी के विद्यार्थियों को प्रति महीने 2 हजार छात्रवृत्ति योजना
- सीएम ओवरसीज एंप्लॉयमेंट कार्यक्रम लागू होगा
- कर्मचारी दुर्घटना बीमा लागू होगी
विधानसभा में बजट पेश करते हुए उप मुख्यमंत्री मल्लु भट्टी विक्रमार्का ने कांग्रेस सरकार के छह चुनावी वादों के लिए 50,713 करोड़ रुपये आवंटित किए। इसमें किसानें के लिए रैतु भरोसा निवेश समर्थन योजना (18,000 करोड़ रुपये) भी शामिल हैं। भट्टी विक्रमार्का ने बजट भाषण के जरिए इंदिरम्मा पारिवारिक बीमा योजना सहित कुल 9 योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 1.15 करोड़ परिवार हैं।
सभी परिवारों के लिए 5 लाख रुपये की बीमा योजना लागू
अमीर व गरीब का अंतर देखे बिना सभी परिवारों को 5-5 लाख की बीमा योजना आगामी 2 जून से लागू की जाएगी। बजट में इस योजना के लिए 4 हजार करोड़ देने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने नयी योजना चेयूता के जरिए 2 लाख अतिरिक्त पेंशन देने की घोषणा की। इस योजना के लिए 14,861 करोड़ देने का प्रस्ताव रखा गया है।







इसके बाद नयी योजनाओं में तेलंगाना पब्लिक स्कूल (इस योजना के लिए बजट में 500 करोड़ देने का प्रस्ताव रखा गया है), अगले शैक्षणिक वर्ष से पूर्व-प्राथमिक स्तर से लेकर इंटरमीडिएट तक विद्यार्थियों को नाश्ता योजना (800 करोड़), इंटरमीडिएट विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन योजना (100 करोड़), सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों व उन पर निर्भर परिवार के सदस्यों को कैशलेस हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम, कर्मचारी दुर्घटना बीमा (1,056 करोड़), सीएम ओवरसीज एंप्लॉयमेंट कार्यक्रम व आईटीआई कॉलेजों में स्थापित एटीसी में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को प्रति महीने 2 हजार छात्रवृत्ति योजना (80 करोड़) शामिल है।
राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 58,458.71 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे और 6,857.76 करोड़ रुपये के राजस्व अधिशेष का अनुमान लगाया है। कांग्रेस सरकार द्वारा बाजार से 73,383.60 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल राजस्व प्राप्ति 2,41,263.58 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। एफआरबीएम के तहत कुल सार्वजनिक ऋण 5.62 लाख करोड़ रुपये है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 29 प्रतिशत है।
प्रति व्यक्ति आय 4,18,931 रुपये, 10.2% का इज़ाफा
वित्त वर्ष 2025-26 में मौजूदा कीमतों पर तेलंगाना का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 17,82,198 करोड़ रुपये रहा, जो गत वित्त वर्ष की तुलना में 10.7 प्रतिशत की वृद्धि है। मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में मौजूदा कीमतों पर राज्य की प्रति व्यक्ति आय 4,18,931 रुपये रही, जिसमें 10.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कई नई योजनाओं की भी घोषणा की जिनमें राज्य के सभी 1.15 करोड़ परिवारों के लिए 4,000 करोड़ रुपये के परिव्यय से पाँच लाख रुपये का जीवन बीमा कवर और 100 करोड़ रुपये के प्रस्तावित व्यय के साथ इंटरमीडिएट (11वीं व 12वीं कक्षा) के छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन योजना शामिल है।
वित्त मंत्रालय का भी प्रभार संभाल रहे विक्रमार्क ने कहा कि राजस्व व्यय के लिए 2,34,406 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय के लिए 47,267 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए 23,179 करोड़ रुपये और ऊर्जा क्षेत्र के लिए 21,285 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। मंत्री ने नगर प्रशासन एवं शहरी विकास विभाग के लिए 17,907 करोड़ रुपये और चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए 13,679 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा।
चेयुथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत, पात्र लाभार्थियें को दो लाख नई पेंशन स्वीकृत की जाएगी और इसके लिए 14,861 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं। बजट में चुनिंदा सरकारी स्कूल को आधुनिक बुनियादी ढाँचे, प्रशिक्षित शिक्षकें और डिजिटल सुविधाओं से लैस तेलंगाना पब्लिक स्कूल में तब्दील करने का प्रस्ताव है। इस पहल के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
व्यापक कर्मचारी दुर्घटना बीमा योजना की घोषणा
प्रत्येक स्कूल में करीब 1,500 छात्रों को नर्सरी (प्री-प्राइमरी) से लेकर कक्षा 12 तक की शिक्षा प्रदान की जाएगी। अन्य पहलों के अलावा, बजट में कर्मचारियें, पेंशनधारकों एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यें के लिए एक नकदी रहित स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की घोषणा की गई है, जिससे लगभग 23.51 लाख लोग लाभान्वित होंगे। कर्मचारी सुरक्षा के लिए एक व्यापक दुर्घटना बीमा योजना की भी घोषणा की गई है।
इस योजना के तहत आकस्मिक मृत्यु होने पर 1.2 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा और 60 वर्ष की आयु तक 10 लाख रुपये का सावधि जीवन बीमा कवरेज उपलब्ध होगा। हवाई दुर्घटना में मृत्यु होने पर अतिरिक्त दो करोड़ रुपये का कवरेज प्रदान किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत 75 लाख सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी शामिल होंगे। स्वास्थ्य एवं बीमा योजनाओं के लिए कुल 1,056 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर उत्पन्न करने के उद्देश्य से सरकार 1,056 करोड़ रुपये के बजट आवंटन के साथ मुख्यमंत्री विदेश रोजगार कार्यक्रम शुरू करेगी। इस पहल के तहत विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण, विदेशी भाषा में प्रशिक्षण, वीजा मार्गदर्शन और अन्य सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह बजट तेलंगाना के लोगों की आशाओं एवं आकांक्षाओं को पूरा करने का संकल्प पत्र है। हमने इसे राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है। अन्य प्रमुख आवंटनें में पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास (33,688 करोड़ रुपए), सिंचाई (22,615 करोड़ रुपए), अनुसूचित जाति कल्याण (11,784 करोड़ रुपये) और अनुसूचित जनजाति कल्याण (7,937 करोड़ रुपये) शामिल हैं।
एससी, एसटी, बीसी व अल्पसंख्यक कल्याण
भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि सरकार एससी व एसटी उपयोजना क़ानून लागू करने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 वित्त वर्ष के दौरान बचे हुए एससी वर्गों से संबंधित 13,617 करोड़, एसटी वर्गों के 1,317 करोड़ निधियाँ पिछले वर्ष बजट में आवंटित की गयी थीं। इसी प्रकार 2024-25 में बचे हुए 9,511 करोड़ लंबित राशि वर्तमान बजट में आवंटित की जा रही है। उन्होंने कहा कि एससी व एसटी विकास व कल्याण के लिए सरकार कई प्रकार के कदम उठा रही है।
हैदराबाद लोआर टैंक बंड के पास बीआर अंबेडकर नॉलेज टावर का निर्माण किया जा रहा है। इसी प्रकार निंबोली अड्डा, काचीगुड़ा में बाबू जगजीवन राम छात्रावास का निर्माण करवाया जा रहा है। मुलुगु जिले में सम्मक्का केंद्रीय आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना, विभिन्न आदिवासी वर्गों के विकास के लिए तीन अलग-अलग निगम, जीसीसी के गिरि ब्रांड के उत्पादों को बढ़ावा देने, आदिवासी क्षेत्रों में आदिवासी सेवा केंद्रों की स्थापना आदि के लिए योजनाएँ बनायी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बजट में एससी कल्याण के लिए 11,784 करोड़ तथा एसटी वर्गों के कल्याण के लिए 7,937 करोड़ आवंटित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
इसी प्रकार बीसी कल्याण के लिए 12,511 करोड़ व अल्पसंख्यक वर्गों के कल्याण के लिए 3,769 करोड़ देने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने आगे बताया कि एससी, एसटी, बीसी, अल्पसंख्यक व अन्य वर्गों से संबंधित युवाओं को स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राजीव युवा विकास योजना लागू की गयी है। इस योजना की अमलावरी के लिए बजट में 6 हजार करोड़ देने का प्रस्ताव है।
गरीबों को इंदिरम्मा घर
भट्टी ने बताया कि योग्य गरीब परिवारों को मकान देने के लिए इंदिरम्मा आवास योजना लागू की गयी है। इस योजना के तहत एक-एक गरीब परिवार को मकान का निर्माण के लिए 5-5 लाख का आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत अब तक 4.5 लाख मकान मंजूर किये गये हैं। इस योजना पर 22,500 करोड़ खर्च होगा। अब तक 5,073 करोड़ खर्च किये गये हैं। इस बजट में हाउसिंग विभाग को 7,430 करोड़ देने का प्रस्ताव रखा गया है।
गृह विभाग को 11,907 करोड़
उप-मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने बताया कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए ईगल नाम के विशेष दल का गठन किया गया है। नशीले पदार्थ बनाने वाले 15 फैक्ट्रियों व शोध शालाओं को खत्म कर दिया गया। राज्य भर में नशीले पदार्थ पीडितों के इलाज के लिए डी-अडिक्शन केंद्रों की स्थापना की गयी।
शैक्षणिक संस्थानों में 4,729 एंटी ड्रग कमेटियों की स्थापना की गयी। उन्होंने कहा कि सामाजिक व आर्थिक असमानताओं के उन्मूलन के लिए राज्य सरकार की नीतियाँ सफल साबित हो रही हैं। इसके चलते पिछले दो वर्षों में विभिन्न स्तरों के 732 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्म समर्पण कर दिया। उन्होंने कहा कि समग्र कल्याण व रोजगार के जरिए ही असली सामाजिक बदलाव संभव है और इस मामले में राज्य ने पूरे देश का मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि बजट में गृह विभाग को 11,907 करोड़ देने का प्रस्ताव रखा गया है।
आईटी व उद्योग को प्रोत्साहन
भट्टी ने बताया कि राज्य सरकार आईटी व उद्योग क्षेत्रों के विकास को आवश्यक प्रोत्साहन दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य का आईटी निर्यात 3.13 लाख करोड़ तक पहुँच गया है। यह क्षेत्र 9.39 लाख लोगों को रोजगार दे रहा है। उन्होंने बताया कि देश में कार्यरत ग्लोबल कैपबिलटी सेंटरों में 20 प्रतिशत तक हैदाराबाद में ही है। शहर के केवल पश्चिम क्षेत्र में ही नहीं बल्कि शहर के चारों ओर आईटी क्षेत्र के विकास के लिए ग्रिड नीति लागू की जा रही है।
बजट में आईटी विभाग को 875 करोड़ देने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने उद्योग क्षेत्र का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य के जीएसडीपी में इस क्षेत्र का हिस्सा 3.04 लाख करोड़ से अधिक है। राज्य से विभिन्न उत्पादों का निर्यात 1,61,843 करोड़ रूपये पार कर गया है। निर्यात के मामले में देश में हमारा राज्य 7वें स्थान पर है। उद्योग क्षेत्र के विकास के लिए सरकार द्वारा दिये जा रहे प्रोत्साहन को देखते हुए विश्व भर की कई दिग्गज कंपनियाँ राज्य में निवेश कर रही हैं।
इन कंपनियों के साथ हुए समझौतों की अमलावरी का निरीक्षण करने के लिए सरकार ने एक विशेष विभाग का गठन किया है। उजहीराबाद इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी के लिए 3,490 करोड़ रुपये प्रस्तावित। बुनकर विकास के लिए बजट में 258 करोड़ देने का प्रस्ताव है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों का विकास के लिए उठाये जा रहे कदमों को उल्लेख करते हुए बताया कि इस विभाग को बजट में 33,688 करोड़ देने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने आगे बताया कि सिंचाई क्षेत्र के प्रति सरकार विशेष ध्यान दे रही है। कृष्णा व गोदावरी नदी जल में राज्य के न्यायिक हिस्से के लिए सरकार ने हर आवश्यक कदम उठाये हैं।
कृषि विकास व किसान कल्याण को प्राथमिकता
भट्टी विक्रमार्का ने बताया कि कृषि क्षेत्र के विकास व किसान कल्याण को सरकार प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने इस दिशा में सरकार द्वारा उठाये गये कदमों का उल्लेख करते हुए बताया कि बजट में कृषि विकास व किसान कल्याण के लिए 23,179 करोड़ आवंटित करने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ले कर अब तक राज्य में कुल 15.12 लाख नये राशन कार्ड जारी किये गये हैं।
राज्य में अब कुल 1.05 करोड़ राशन कार्ड है। बजट में नागरिक आपूर्ति विभाग को 7,366 करोड़ देने का प्रस्ताव रखा गया है। किसानों के अतिरिक्त आय दिलाने वाली पशुसंवर्धन व मछली पालन विभाग को 1,529 करोड़ देने का प्रस्ताव रखा गया है। भट्टी विक्रमार्का ने बताया कि राज्य में प्रति व्यक्ति विद्युत उपभोग 2,508 यूनिट है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है। उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति से संबंधित समस्याओं को सुलझाने के लिए चौबीसों घंटे काम करने वाले 214 इलेक्ट्रिकल एंबुलेंस कार्यरत हैं। इसके अलावा चौबीस घंटे काम करने वाले कॉल सेंटर के जरिए सेवाएँ उपलब्ध करवायी जा रही है।
यादाद्री पॉवर स्टेशन में तीन 800 मेगावाट केंद्रों का उद्घाटन
यादाद्री पॉवर स्टेशन में तीन 800 मेगावाट केंद्रों का उद्घाटन किया गया और एक और केंद्र को ग्रिड से जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी राज्य आगे है। इसके तहत महेश्वरम व चौटुप्पल में 1,500 मेगावाट बैटरी एनर्जी स्टोरेज व्यवस्था स्थापित की जा रही है। राज्य को हरित ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश आकर्षित करते हुए कदम आगे बढ़ाए जा रहे हैं।
हैदराबाद शहर में भूमिगत केबलिंग की जा रही है। राज्य में अब तक 1,036 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किये गये हैं। बजट में विद्युत विभाग को 21,285 करोड़ आवंटित किये गये हैं। बजट में श्रम विभाग के लिए 998 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया। उन्होंने बताया कि स्टेट न्यूट्रिशन मिशन के जरिए शहरी क्षेत्रों में गरीब बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने के लिए 274 मोबाइल आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थापना की जा रही है।
इसके अलावा राज्यभर में कार्यरत महिलाओं के संतानों की सुविधा के लिए 500 आंगनवाड़ी व क्रेच सेंटरों की शुरूआत की जा रही है। राज्य में पहली बार बुजुर्गों का कल्याण के लिए 37 प्रणाम (डे केयर) सेंटर मंजूर किये गये हैं। बजट में महिला एवं शिशु कल्याण के लिए 3,143 करोड़ देने का प्रस्ताव रखा गया है।
मंदिर विकास के लिए विशेष कदम
भट्टी विक्रमार्का ने बताया कि सरकार राज्य में आध्यात्मिक पर्यटन का विकास व मंदिरों में भक्तों के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिए कदम उठा रही है। भद्राचलम, धर्मपुरि, वेमुलावाड़ा, कालेश्वरम आदि मंदिरों के विकास के प्रति विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंदिरों के विकास कार्यों के लिए निधियाँ भी जारी की जा रही हैं। विशेष रूप से वेमुलावाड़ा श्री राज राजेश्वर मंदिर के समग्र विकास के लिए कदम उठाये जा रहे हैं।
राज्य में 9 नये पवित्र यात्रा सर्किट लागू किये गये हैं। इनके जरिए भक्तों को संबंधित मंदिरों में विशेष दर्शन व आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि अगले वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले गोदावरी पुष्कर के भव्य आयोजन के लिए अभी से आवश्यक व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। गोदावरी पुष्करों के आयोजन के लिए बजट में 500 करोड़ देने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि राज्यभर में पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए बजट में 1,224 करोड़ देने का प्रस्ताव रखा गया है।
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बजट आंकड़ों में 9 की महिमा
तेलंगाना सरकार द्वारा प्रस्तुत 2026-27 के वार्षिक बजट में 9 के आंकड़े को लेकर मीडिया में चर्चा गर्म है। बजट में 9 की खास महिमा दिखाई दे रही है। राज्य का कुल बजट 3,24,234 करोड़ का अनुमानित है। इसमें तीन दो और चार (जोड़ 9) के आंकड़ों की पुनरावृत्त हुई है। इस तरह छह आंकड़ों का जोड़ 18 हो रहा है, जो कि 9 के पहाड़े का हिस्सा है। विशेषज्ञ इस आंकड़े को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के लक्की नंबर से जोड़ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास के लिए जो नयी योजना शुरू की है, उसमें भी 9 के आंकड़े की पुनरावृत्ति हुई है।
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