हैदराबाद, नगरद्वय सहित अन्य गुरुद्वारा साहिब के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से तेलंगाना उच्च न्यायालय फैसले के अनुसार, सर्वेक्षण संख्या 354/4 में ढाबा गुरुद्वारे की 6,040 वर्ग गज भूमि को सिख समुदाय सिख छावनी, अत्तापुर की शीघ्र देने की माँग की।
आज ऑल तेलंगाना गुरुद्वारा कमेटी अध्यक्ष गुरुचरण सिंह बग्गा, गुरुद्वारा साहेब बारंबाला चेयरमैन हरबंस सिंह, गुरुद्वारा साहेब बारंबाला सलाहकार इकबाल सिंह, गुरुद्वारा साहेब बारंबाला अध्यक्ष चेतन सिंह शिकारी, सिख शिक्षा सोसाइटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह (सेवानिवृत्त सिपाही), तेलंगाना गुरुद्वारा समिति सचिव मंजीत सिंह पाला सहित अन्य गुरुद्वारा साहिब के अध्यक्षों ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि यह एक सर्वमान्य तथ्य है कि सिख समुदाय 1832 से सिख छावनी, महाराजा रणजीत सिंह नगर, अत्तापुर, आर.आर. जिले में निवास कर रहा है।
वर्ष 1832 के दौरान हैदराबाद के तत्कालीन निज़ाम ने पंजाब के शासक महाराजा रणजीत सिंह से निज़ाम के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखने और राजस्व संग्रह करने के लिए हैदराबाद में सिख सेना भेजने का अनुरोध किया था। महाराजा रणजीत सिंह ने निज़ाम के अनुरोध को स्वीकार कर सिख सेना की 14 मिसलें (बटालियन) हैदराबाद भेजीं। इन बटालियनों को हैदराबाद शहर के बाहरी इलाके रामबाग और मीर आलम टैंक के बीच तैनात किया गया।
हाईकोर्ट फैसले के बाद गुरुद्वारा भूमि सिख समुदाय को देने की मांग
यद्यपि सिख सेना को 1950 में भंग कर दिया गया था, फिर भी उनके वंशज उसी क्षेत्र में रहते रहे। तबसे इस क्षेत्र को सिख छावनी के नाम से जाना जाता है। इसलिए सिख समुदाय सिख छावनी, अत्तापुर में निवास कर रहा है। उन्होंने वहाँ लगभग 1000 आवासीय घर स्थापित किए हैं। इस क्षेत्र में गुरुद्वारा साहिब जैसे पूजा स्थल, शैक्षणिक संस्थान और खेल के मैदान मौजूद हैं। हालाँकि जिस भूमि पर सिख समुदाय निवास कर रहा है, वह सरकारी राजस्व अभिलेखों में उनके कब्जे में दर्ज है।
सिख समुदाय ने कई बार सरकारी अधिकारियों से संपर्क कर कब्जे को नियमित करने और स्वामित्व (पट्टा) जारी करने का अनुरोध किया। उन्होने बताया कि रंगारेड्डी जिले के कलेक्टर ने सिख समुदाय के मामले की समीक्षा कर सरकार से सिख समुदाय के पक्ष में भूमि को नियमित करने का अनुरोध किया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि कलेक्टर ने यह भी स्वीकार किया कि सिख गुरुद्वारे द्वारा अधिग्रहित भूमि को गुरुद्वारा साहिब के पक्ष में नियमित किया जाए।
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सर्वेक्षण संख्या 354/4 में ढाबा गुरुद्वारे की 6040 वर्ग गज भूमि है, जो 1832 से सिख समुदाय के कब्जे में है। इस संबंध में गुरुद्वारा कमेटी ने तेलंगाना उच्च न्यायालय में रिट याचिका संख्या 44150/2017 दायर की, जिसका निपटारा 29-01-2026 को किया गया। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा कि यह भूमि 1832 से सिख समुदाय के कब्जे में है। इसलिए सिख समुदाय सरकार से यथोचित कार्यवाही कर उक्त जमीन को सिख समुदाय को कोर्ट के आदेश के अनुसार देने की माँग करता है। अवसर पर विभिन्न गुरुद्वारा साहिब के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
