खाद्य सुरक्षा जागरूकता वॉकाथन में स्वास्थ्य मंत्री ने दी चेतावनी
हैदराबाद, तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि खाद्य उत्पादकों, व्यापारियों तथा उपभोक्ताओं की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। खाद्य गुणवत्ता और जन स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता न करते हुए राज्य सरकार द्वारा जल्द ही नई प्रणाली लागू की जाएगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ पीडी अधिनियम की तरह सख्त कार्रवाई करने की योजना बनाई जा रही है।
तेलंगाना खाद्य सुरक्षा विभाग के तत्वावधान में जल विहार से एचएमडीए मैदान तक खाद्य सुरक्षा जागरूकता वॉकाथन का आयोजन किया गया। इसमें भाग लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में व्यस्त जीवनशैली और तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण घर पर खाना पकाने का चलन कम हो गया है। होटलों और रेस्तराँ में खाना खाने सहित प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की खपत में उल्लेखनीय रूप से वृद्धि हुई है। दुर्भाग्यवश कुछ लोग इस स्थिति का दुरुपयोग कर रहे हैं और लगभग हर खाद्य पदार्थ में मिलावट कर रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि नमक, दाल, चीनी, इमली और चाय पत्ती जैसी बुनियादी चीजों में भी मिलावट हो रही है। मिलावट सहित घटिया तेल और रसायनों का उपयोग पेट की बीमारियों सहित मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और मोटापे जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन रहा है। इन सबका अप्रत्यक्ष रूप से राज्य की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है। सरकार खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठा रही है।
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भविष्य में निरीक्षण और कड़े, खाद्य सुरक्षा मजबूत की जाएगी
दामोदर राजनरसिम्हा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस विभाग के समन्वय से राज्यभर में निरंतर निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान चलाए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में दस हजार से अधिक निरीक्षण कर मिलावटी खेल में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। साथ ही उन होटलों और रेस्तराँ के खिलाफ कानूनी की जा रही है, जो घटिया और मिलावटी सामग्रियों से तैयार भोजन द्वारा जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं।
मंत्री ने कहा कि भविष्य में इन निरीक्षणों को और भी सख्त किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन प्रणाली को और मजबूत करने के लिए 24 नए खाद्य निरीक्षकों की नियुक्ति के साथ-साथ 5 मोबाइल खाद्य परीक्षण वाहन तैनात किए गए हैं। इसके अलावा निजामाबाद, हनमकोंडा तथा महबूबनगर में 15 करोड़ रुपये की लागत से 3 नई क्षेत्रीय खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएँ स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
मंत्री ने कहा कि तेलंगाना में वर्तमान में लगभग 1.41 लाख खाद्य व्यवसाय इकाइयां हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में केंद्रित हैं। सरकार ने खाद्य सुरक्षा और मिलावट को रोकने के लिए विशेष निगरानी प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह नई प्रणाली नशीली दवाओं के उन्मूलन के लिए स्थापित ईगल प्रणाली की तर्ज पर काम करेगी। उन्होंने आगे कहा कि खाद्य उद्योग रोजगार सृजन तथा अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सरकार इस क्षेत्र के विकास को प्रोत्साहित करती है, लेकिन वह जिम्मेदार विकास की भी अपेक्षा करती है। उन्होंने सही खाएँ-स्वस्थ रहें संदेश देते हुए नागरिकों से जागरूक रहने और सुरक्षित खान-पान की आदतों को अपनाने की अपील की। अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव क्रिस्टीना जेड चोंगुथू, हैदराबाद पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार, खाद्य सुरक्षा आयुक्त संगीता सत्यनारायण, हैदराबाद कलेक्टर हरिचंदना दासरी व अन्य अधिकारियों की उपस्थिति रही।
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