दामागुंडम में रडार प्रॉजेक्ट को उच्च न्यायालय की हरी झंडी

हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने गुरुवार को विकाराबाद जिले के दामागुंडम में बन रहे फ्रीक्वेंसी रडार प्रॉजेक्ट का काम जारी रखने के लिए हरी झंडी दे दी है। हालाँकि अदालत ने कहा कि पेड़ लगाने का कार्य जारी रहना चाहिए और इसकी प्रगति जानने के लिए याचिका को छह माह के लिए लंबित रखा जा रहा है।

दामागुंडम फॉरेस्ट प्रोटेक्शन जेएसी ने उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की है, जिसमें विकाराबाद जिले के दामागुंडम में 2,900 एकड़ वन्य क्षेत्र में रडार सेंटर को केन्द्र सरकार द्वारा आवंटित करने को चुनौदी दी गई है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एन. मोहिउद्दीन की खंडपीठ ने आज इस याचिका पर फिर से सुनवाई की।

यह भी पढ़ें… आरडीओ ही एजेंसी मंडल अधिकारी : तेलंगाना हाईकोर्ट

मुख्य वन संरक्षक की ओर से दायर की गई प्रतियाचिका में कहा गया है कि रडार सेंटर से क्षतिग्रस्त हुए वन क्षेत्र के विकास के लिए विकल्प के तौर पर गत दो वर्षों में 9.16 लाख पौधे लगाए गए, जिनमें से 8.23 लाख पौधे बच गए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले मानसून में जो पौधे सूख गए उनके स्थान पर 92 हजार पौधे लगाए जाएँगे। दलील सुनने के बाद खंडपीठ ने सुनवाई 5 अक्तूबर तक स्थगित कर दी।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button