दो मतदाता पहचान-पत्र पर हाईकोर्ट का चुनाव प्राधिकरण को नोटिस
हैदराबाद, इब्राहिमपट्टनम नगरपालिका पार्षद चुनाव में दो अलग-अलग स्थानों पर मतदाता पहचान-पत्र रखने के मामले पर सुनवाई करते हुए तेलंगाना हाईकोर्ट ने चुनाव प्राधिकरण को नोटिस जारी कर रिपोर्ट तलब की। पंचायत और नगरपालिका के लिए अलग-अलग मतदाता पहचान-पत्र रखने वाले चिलकल बुग्गा रामुलू के नामांकन को स्वीकार किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर तेलंगाना उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति एन.वी. श्रवण कुमार ने सुनवाई की।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुधीर राव ने दलील देते हुए कहा कि रामुलू के पास पंचायत चुनाव के लिए एक और नगरपालिका के लिए दूसरा मतदाता पहचान-पत्र है। दो मतदाता पहचान-पत्र रखने वाले रामुलू के खिलाफ कार्रवाई की माँग करते हुए 31 जनवरी को निवेदन पत्र दिया गया, लेकिन चुनाव अधिकारियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
न्यायाधीश ने चुनाव हो जाने के कारण इस विवाद में हस्तक्षेप पर प्रश्न उठाते हुए चुनाव याचिका दायर करने की सलाह दी। इस पर अधिवक्ता ने जवाब देते हुए कहा कि यदि चुनाव को अवैध घोषित किया जाता है, तो उसे रद्द किया जा सकता है। राज्य चुनाव आयोग की ओर से वकील ने दलील दी कि केंद्रीय चुनाव आयोग हर तीन माह में मतदाता सूची का संशोधन करता है।
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भले ही किसी का नाम दो स्थानों पर मतदाता सूची में हो, परंतु वार्डवार मतदाताओं का विभाजन होता है और एक व्यक्ति केवल एक ही वोट का उपयोग कर सकता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति ने सरकार, राज्य चुनाव आयोग, चुनाव अधिकारियों, जिला कलेक्टर, आरडीओ तथा काउंसलर बुग्गा रामुलू को नोटिस जारी किए। साथ ही केंद्रीय चुनाव आयोग को प्रतिवादी के रूप में शामिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 5 मार्च तक स्थगित कर दी।
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