पैराक्वाट कीटनाशक पर हाईकोर्ट ने केंद्र-राज्य से माँगा स्पष्टीकरण
हैदराबाद, तेलंगाना हाईकोर्ट ने राज्य एवं केंद्र सरकार को विषैले रसायनों से युक्त पैराक्वाट कीटनाशक के निर्माण, वितरण और बिक्री के संबंध में रुख स्पष्ट करने के निर्देश जारी किए। तेलंगाना उच्च न्यायालय ने गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि यदि विषैले रसायनों के निर्माण, उपयोग, वितरण और बिक्री के नियंत्रण के लिए कोई दिशा-निर्देश या कानून मौजूद हैं, तो उनके पूर्ण विवरण के साथ जवाब दाखिल किए जाए।
हाईकोर्ट को भेजे पत्र में कहा गया कि विषैले रसायनों से युक्त पैराक्वाट कीटनाशक के उपयोग के कारण हर वर्ष लगभग 200 लोगों की मृत्यु हो रही है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि यह अत्यंत विषैला रसायन है। कम मात्रा में उपयोग करने पर भी जनता को गंभीर नुकसान पहुँचाता है। इस पर यूरोपीय संघ के साथ चीन और ब्राजील में प्रतिबंध लगाया गया है। इसके उपयोग को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया गया था।
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इस पत्र को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह तथा जस्टिस जी.एम. मोहियुद्दीन की पीठ ने गुरुवार को सुनवाई की। प्रतिवादियों के रूप में केंद्र और राज्य के कृषि विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग के निदेशक, कृषि आयुक्त तथा सेंट्रल इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सेंटर को नोटिस जारी कर सुनवाई तीन सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।
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