नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

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हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के उन आदेशों पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी है, जिसमें कहा गया था कि नल्लामला इलाके में चल रहे अच्चम्पेटा लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट पर तब तक काम नहीं किया जाना चाहिए, जब तक सभी अनुमतियाँ नहीं मिल जातीं। अदालत ने प्रतिवादी को प्रति याचिका दायर करने के आदेश दिये। इसके साथ ही अदालत ने केंद्र सरकार ने बीआईपीएल केईपीपीएल जेएल जेवी के साथ निजी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर मामले की सुनवाई चार हफ़्ते के लिए स्थगित कर दी।

सरकार ने स्टेज-1 में श्री उमा महेश्वर जलाशय के निर्माण से 57,200 एकड़ जमीन की सिंचाई के लक्ष्य के साथ 1,534 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। महबूबनगर के अनंत सीताराम रेड्डी और हैदराबाद के अनिल कुमार ने एनजीटी में एक याचिका दायर की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि इस प्रोजेक्ट पर बिना किसी अनुमति के काम किया गया। ट्रिब्यूनल ने पिछले महीने इस मामले पर सुनवाई की थी। उसने कहा कि अनुमति अभी भी शुरुआती स्तर पर है और कोई अंतिम अनुमति नहीं दी गई है। 300 मीटर दूर अमराबाद टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट होने के कारण सभी अनुमतियां मिलने तक काम रोकने का आदेश दिया गया था।

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राज्य सरकार ने इन आदेशों को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जीएम मोहिउद्दीन की खंडपीठ ने मंगलवार को इस याचिका पर सुनवाई की। सरकार की ओर से महाधिवक्ता ए. सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि बिना कोई नोटिस जारी किए ट्रिब्यूनल का आदेश जारी करना गलत है। उन्होंने कहा कि एकतऱफा दिए गए आदेशों को रद्द किया जाए।

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