हैदराबाद : सरकार खरीदेगी 22% सस्ती मेट्रो रेल, 1004 करोड़ से पेयजल पाइपलाइनों का आधुनिकीकरण

हैदराबाद, राज्य मंत्रिमंडल ने हैदराबाद मेट्रो रेल परियोजना को अपने हाथ में लेने को मंज़ूरी दे दी। कुल 722 करोड़ की लागत से ग्रेटर हैदराबाद की परिधि में स्थित मंजीरा पेयजल आपूर्ति योजना के पहले व दूसरके चरण की आधुनिकीकरण परियोजना और 282 करोड़ की लागत से उस्मान सागर पेयजल पाइपलाइन के आधुनिकीकरण को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने जीएचएमसी की परिधि में 3,145 करोड़ की लागत से कांप्रिहेंसिव रोड मेंटेनेंस प्रोग्राम (सीआरएपी) के दूसरे चरण को अनुमति दे दी।

इस दूसरे चरण के तहत 300 किलोमीटर लंबी सड़कों का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में आज शाम सचिवालय में लगभग 5 घंटे तक चली मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। बैठक के पश्चात देर रात सचिवालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने उक्त जानकारी दी।

हैदराबाद मेट्रो रेल का पहला चरण सरकार के हाथों में जाएगा

मंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने एल एंड टी से हैदराबाद मेट्रो रेल के 69 किलोमीटर लंबाई वाले पहले चरण को पूर्ण रूप से अपने हाथ में लेने तथा दूसरे चरण के निर्माण कार्य तेजी से आरंभ करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों को तत्काल इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि पहले ही सरकार ने मेट्रो रेल परियोजना के अधिग्रहण पर मंत्रिमंडल उपसमिति का गठन किया था।

मंत्रिमंडल उपसमिति द्वारा दी गयी रिपोर्ट पर आज की बैठक में लंबी चर्चा हुई। विधानसभा के बजट सत्र में भी हैदराबाद मेट्रो पर चर्चा कर विपक्ष के सुझाव व सलाह लेने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने आगे बताया कि केंद्र सरकार के आदेशों के चलते केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में निर्मित किये जाने वाले दूसरे चरण के कार्यों के लिए मेट्रो परियोजना एक ही संस्था के अधीन होना अनिवार्य है।

एल एंड टी कंपनी ने दूसरे चरण का विस्तार करने से इनकार कर दिया। शहर में बढ़ रहे यातायात को देखते हुए मेट्रो रेल का विस्तार अनिवार्य हो गया है। इसके चलते मेट्रो परियोजना के पहला चरण को एल एंड टी से सरकार को अपने अधीन लेना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मेट्रो रेल परियोजना की संपत्तियों का मूल्य 19 हजार करोड़ से 22 हजार करोड़ तक है। इसमें लगभग 22 प्रतिशत कम दर पर सरकार मेट्रो पहले चरण अपनी हाथों में ले रही है। मेट्रो दूसरे चरण के दो भाग होंगे। पहले भाग में 76.4 किलोमीटर के 5 कॉरिडोर और दूसरे भाग में 86.1 किलोमीटर के 3 कॉरिडोर होंगे। इससे संबंधित प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा गया है।

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11 मई से 9 जून तक मकान गणना

राज्य मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के आदेशों के चलते वर्ष 2027 में किये जाने वाले जनगणना प्रक्रिया से संबंधित तैयारियों पर भी चर्चा की। इससे संबंधित शेड्यूल के पहले चरण के तहत 11 मई से 9 जून तक होने वाले मकान गणना प्रक्रिया के लिए सरकार ने सभी आवश्यक कदम उठा रही है। अधिकारियों ने मकान गणना के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिये गये 34 प्रश्नों की सूची से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्यभर में कुल 89 हजार अधिकारी व एन्यूमरेटर इस प्रक्रिया में भाग लेंगे। दूसरे चरण के तहत होने वाली जनगणना प्रक्रिया फरवरी, 2027 में होगी।

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