हैदराबाद : मैट्रिमोनियल फ्रॉड का आरोपी धरा गया
हैदराबाद, हैदराबाद की साइबर अपराध पुलिस ने मैट्रिमोनियल फ्रॉड के मामले में विशाखापट्टनम निवासी पेद्दापुडी प्रसन्नकुमार (32) को चेन्नई हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया। वह कंबोडिया से हैदराबाद लौट रहा था।
यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति में साइबर अपराध पुलिस उपायुक्त वी. अरविंद बाबू ने बताया कि हैदराबाद निवासी 28 वर्षीय पीड़ित युवक ने साइबर अपराध पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। उसने अपनी शिकायत में बताया कि गत 23 अक्तूबर, 2025 को अंजली कंदुला नामक युवती ने शादी डॉटकॉम वेबसाइट के जरिए उससे संपर्क संपर्क किया और इसके बाद उसने व्हॉट्सऐप के जरिए उसके साथ बातचीत की। इस दौरान उसने बताया कि वह यूके में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत है और वह उसके साथ लम्बे समय तक रिलेशन बनाना चाहती है।
इस प्रकार लम्बे समय तक चैटिंग करते हुए उसने शिकायतकर्ता को विश्वास में ले लिया। इसके बाद उसने उसे फर्जी क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग प्लेटफार्म का हवाला देते हुए उसे पूँजी निवेश करने के लिए उकसाया। उसने शिकायतकर्ता को प्रारंभ में छोटे पैमाने पर निवेश करने के लिए कहा और छोटे पैमाने पर किए गए निवेश पर शिकायतकर्ता को मुनाफा दिखाया। इस प्रकार विश्वास में लेकर शिकायतकर्ता के जरिए बड़े पैमाने पर पूँजी निवेश करवाया गया और उसकी निवेशित पूँजी पर उसे उसके वैलेट बैलेंस में 14,481 यूएसडीटी (भारतीय मूद्रा में 12.5 लाख रुपये) दिखाए गए।
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मुनाफा निकालने के बहाने और निवेश करवाकर लाखों की ठगी
13 नवंबर को उसने 12.5 लाख रुपये विथ ड्रॉ करने का प्रयास किया, तब उसे बताया गया कि मुनाफे की रकम प्राप्त करने के लिए उसे और निवेश करना होगा। इस प्रकार उसने 11,17,834 रुपये की निवेशित पूँजी खो बैठा। प्राप्त शिकायत के आधार पर साइबर अपराध पुलिस ने तकनीकी रूप से छानबीन करने के बाद आरोपी पी. प्रसन्न कुमार को चेन्नई हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया।
जाँच-पड़ताल करने पर पता चला कि प्रसन्न कुमार को इस प्रकार ऑनलाइन ठगी करने में महारत हासिल है। गिरफ्तार कर पूछताछ करने पर प्रसन्न कुमार ने बताया कि अप्रैल-2024 के दौरान विदेश में नौकरी करने के लिए वह विशाखापट्टनम के एक जॉब कंसल्टेंट के जरिए कम्बोडिया गया, लेकिन वहाँ उसे धोखा खाना पड़ा। नौकरी के नाम पर कम्बोडिया भेजने के बाद साइबर ठगों ने उसे साइबर ठगी में उतार दिया।
साइबर ठगों से साइबर ठगी के गुण सीखने के बाद अपने बलबूते पर साइबर ठगी करने के लिए प्रसन्न कुमार ने स्थानीय निवासी रवि किरण और गंगा राजू के जरिए 400 से 500 अवैध सिमकार्ड प्राप्त किए। इन सिमकार्डों के जरिए वह अपने आपको महिला बताते हुए मैट्रोमोनियल वेबसाइट की आड़ में क्रिप्टो करेंसी और फोरेक्स ट्रेडिंग में पूँजी निवेश करने पर मुनाफा देने का आश्वासन देकर ठगी कर रहा था। मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर सर्च करते हुए वह विवाह के लिए प्रस्ताव भेजने वाले युवाओं को अपना शिकार बना रहा था। उसे गिरफ्तार कर हैदराबाद लाने के बाद अदालत में पेश कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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