युवा आपदा मित्रों की सेवाओं का उपयोग करेगा हैद्रा
हैदराबाद, हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया एवं संपदा संरक्षण एजेंसी (हैद्रा) आयुक्त ए.वी. रंगनाथ ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय युवा आपदा मित्रों की सेवाओं का उपयोग किया जाएगा। हैद्रा डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स में भर्ती के समय भी इन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।



हैद्रा आयुक्त ने मंगलवार को युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण पूरा करने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र वितरित किये। अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि रंगारेड्डी और हैदराबाद जिलों के 105 युवा स्वयंसेवकों ने फतुल्लाहगुड़ा स्थित हैद्रा केंद्र में एक सप्ताह का प्रशिक्षण प्राप्त किया। 18 से 24 फरवरी तक चले इस प्रशिक्षण में आपदा के समय लोगों को कैसे बचाना है, त्वरित प्रतिक्रिया कैसे देनी है तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किस प्रकार भाग लेना है, इसकी सभी आवश्यक जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रहने वाले ये स्वयंसेवक आपदा की स्थिति में सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाले व्यक्ति के रूप में कार्य करेंगे।
साथ ही विभिन्न विभागों से आने वाली सहायता टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर सेवाएँ प्रदान कर सकेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रत्येक स्वयंसेवक को आगे दस अन्य लोगों को भी तैयार कर स्थानीय जनता में हम मौजूद हैं, का भरोसा दिलाना चाहिए। उन्होंने भारी वर्षा और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में हैद्रा के साथ मिलकर कार्य करने के लिए सदैव तैयार और उपलब्ध रहने की भी सलाह दी।
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पर्यावरण हितैषी और बाढ़-मुक्त शहर के निर्माण में हैद्रा प्रयास
आयुक्त ने कहा कि हैद्रा द्वारा दिया गया प्रशिक्षण जीवनभर उपयोगी सिद्ध होना चाहिए। पर्यावरण हितैषी शहर का निर्माण सरकार का लक्ष्य है और हैद्रा उसी दिशा में कार्य कर रहा है। बाढ़-मुक्त शहर के निर्माण के तहत झीलों और नालों की सुरक्षा के लिए हैद्रा आवश्यक कदम उठा रहा है। आपदा के समय कैसे प्रतिक्रिया देनी है और लोगों के प्राणों की रक्षा कैसे करनी है, इन सभी विषयों पर प्राप्त प्रशिक्षण स्वयंसेवकों के लिए आजीवन सहायक होगा।
अवसर पर आयुक्त ने हैद्रा की गतिविधियों तथा प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई बातों के बारे में भी जानकारी ली। छात्रों ने बताया कि पार्कों, झीलों, नालों, सरकारी भूमि और जनउपयोग के लिए निर्धारित स्थलों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल शहर निर्माण के लिए हैद्रा द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। वे भी इसमें सहभागी बनना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हैद्रा द्वारा विकसित झीलों का निरीक्षण किया और वे बहुत अच्छी लगीं।
स्वयंसेवकों ने बताया कि पहले आपदाओं के समय क्या करना है, इसे लेकर भय रहता था, किंतु अब लोगों की रक्षा कर सकने का आत्मविश्वास आया है। एक सप्ताह के प्रशिक्षण ने समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी की भावना को और अधिक बढ़ाया है। उन्होंने युवा आपदा मित्रों के रूप में हैद्रा के साथ मिलकर कार्य करने के लिए अपनी तत्परता व्यक्त की। कार्यक्रम में हैद्रा के अतिरिक्त आयुक्त आर. सुदर्शन, अतिरिक्त निदेशक वरला पापैया, आरएफओ जयप्रकाश, डीएफओ यज्ञनारायण, इंस्पेक्टर शमशुद्दीन, एडीएफओ मोहनराव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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