मैं पश्चिम एशिया या अन्य संघर्षों में शांति समर्थकों के पक्ष में रहा हूं: शशि थरूर
नयी दिल्ली, कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण युद्ध लड़ रहे पक्षों, पड़ोसी देशों और भारत समेत व्यापक क्षेत्र को हो रहा नुकसान ‘‘सभी स्वीकार्य सीमाओं को पार कर चुका है’’ और इसे अब रोका जाना चाहिए।शुक्रवार को एक कार्यक्रम के इतर उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि वह हमेशा से इस संघर्ष और अन्य संघर्षों में ‘‘शांति समर्थकों’’ के पक्षधर रहे हैं।
उनसे तीन सप्ताह से जारी इस संघर्ष में दोनों पक्षों की आक्रामक बयानबाजी पर सवाल पूछा गया था, जिसके खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। थरूर ने कहा, ‘‘यह एक गंभीर मुद्दा है। यह छोटी बात नहीं है, यह भारत सहित दुनियाभर के आम लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा है। हमें इस युद्ध को समाप्त करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का हिस्सा बनना चाहिए, बल्कि आदर्श रूप से नेतृत्व करना चाहिए। कई देश हमारे साथ जुड़ेंगे। कोई भी इस युद्ध को जारी नहीं देखना चाहता।’’
थरूर ने कहा कि इस संघर्ष से वे लोग भी प्रभावित हो रहे हैं ‘‘जिनका इससे कोई लेना-देना नहीं है।’’ पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति से पीछे हटें। उन्हें हमारी और अन्य देशों की मदद व प्रोत्साहन की जरूरत है। मुझे उम्मीद है कि हम अपनी भूमिका निभाएंगे।’’
युद्ध पर थरूर का बड़ा बयान: शांति जरूरी
थरूर ने कहा, ‘‘अगर आपने ओमान के विदेश मंत्री की अपील देखी हो, तो यह बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। मुझे लगता है कि कई देश कह रहे हैं कि हमें इस युद्ध को हर हाल में समाप्त करना होगा। इससे बहुत अधिक नुकसान हो रहा है और यह बिल्कुल स्पष्ट नहीं है कि इससे किसी को क्या लाभ हो रहा है।’’ उनसे यह भी पूछा गया कि इस ‘‘आक्रामक’’ माहौल के बीच क्या तनाव कम करने की इच्छा रखने वाले ‘‘शांति समर्थकों’’ की जरूरत है।
थरूर ने कहा, ‘‘मैं स्पष्ट रूप से इस संघर्ष और अधिकांश अन्य संघर्षों में ‘शांति समर्थकों’ के पक्ष में रहा हूं। युद्ध एक निरर्थक गतिविधि है। मैंने संयुक्त राष्ट्र में शांति स्थापना अभियानों में कई वर्ष बिताए हैं और मैं कह सकता हूं कि सैनिक ही सबसे आखिरी लोग होते हैं जो युद्ध देखना चाहते हैं। वे जानते हैं कि इसमें कितनी भयावहता, कितनी पीड़ा और कितना वास्तविक नुकसान होता है। कोई भी नहीं चाहता कि युद्ध जारी रहे।’’
कांग्रेस सांसद ने कहा कि जब आप उन सैनिकों से बात करते हैं जिन्होंने लड़ाई और हत्या देखी है, तो वे आपको इससे जुड़ी पीड़ा के बारे में बताएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘अपने देश की रक्षा करने के लिए मजबूर होना एक अलग बात है, लेकिन ऐसा युद्ध जारी रखना बिल्कुल अलग बात है, जिसमें हर दिन लोग मर रहे हों, निर्दोष लोग मारे जा रहे हों, स्कूली बच्चे तक मारे जा रहे हों, आखिर किस लिए।’’
थरूर बोले: युद्ध रोको, महिलाओं को दो बराबरी का हक
थरूर ने कहा, ‘‘इस समय हर जगह जो नुकसान हो रहा है चाहे युद्ध लड़ने वाले पक्ष हों, पड़ोसी देश हों या भारत समेत व्यापक क्षेत्र हों, वह सभी स्वीकार्य सीमाओं को पार कर चुका है। इसे रोका जाना चाहिए।’’
थरूर ने कहा कि यह संघर्ष भारत समेत कई देशों को प्रभावित कर रहा है, क्योंकि तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और गैस की आपूर्ति घट रही है, जिससे सभी के सामने समस्याएं खड़ी हो रही हैं। उनसे कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद द्वारा शुक्रवार को ‘एक्स’ पर महिला उम्मीदवारों को कम टिकट दिए जाने के मुद्दे पर की गई पोस्ट के बारे में भी पूछा गया।
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थरूर ने कहा, ‘‘मैं लंबे समय से महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व के पक्ष में हूं। मुझे कहना पड़ रहा है कि जब महिलाएं आबादी का आधा हिस्सा हैं, तब उन्हें केवल 9.8 प्रतिशत सीटें मिलना उचित नहीं है। हालांकि, जिन लोगों ने यह निर्णय लिया, वे शायद सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही ऐसा कर रहे होंगे और उन्होंने जीतने की क्षमता को प्रमुख आधार माना होगा।’’ थरूर ने कहा, ‘‘जब महिला आरक्षण लागू होगा, तब ऐसे विवाद समाप्त हो जाएंगे और अधिक मेहनती महिला नेताओं को उचित अवसर मिलेगा।’’ (भाषा)
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