रेस्तरां/होटल मालिकों के लिए आयकर-जीएसटी वेबिनार

हैदराबाद, आयकर अधिनियम और जीएसटी अधिनियम के तहत नोटिस, समन, सर्वेक्षण, तलाशी और जब्ती से संबंधित रेस्तरां/होटल मालिकों के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों पर वेबिनार का आयोजन किया गया।

यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वेबिनार के वक्ता एफसीए हरि अग्रवाल और एफसीए एवं सीएस विवेक अग्रवाल ने वेबिनार में जटिल कानूनी प्रक्रियाओं और अनुपालन आवश्यकताओं पर स्पष्टता प्रदान की। चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल ने विभाग की हालिया कार्यप्रणाली, जिसमें देशव्यापी तलाशी अभियान भी शामिल थे, के विश्लेषण के साथ सत्र की शुरुआत की। उन्होंने विभाग के प्रमुख मुद्दों जैसे समानांतर रिकॉर्ड रखने की प्रथाओं, अवैध सॉफ्टवेयर सुविधाओं और ई-कॉमर्स ऑपरेटरों द्वारा रिपोर्ट किए गए टर्नओवर में विसंगतियों का विस्तार से वर्णन किया।

विवेक ने प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) सॉफ्टवेयर डेटा के अक्सर वास्तविक बिक्री को नहीं दर्शाने के लिए वास्तविक परिचालन चुनौतियों का हवाला देते हुए कहा कि इसके लिए भोजन की गुणवत्ता संबंधी समस्याओं (अधपका भोजन, बाहरी वस्तुएं, स्वाद) के कारण बड़ी संख्या में ऑर्डर रद्द होने, टच क्रीन या तेज गति के दबाव के कारण गलत मात्रा प्रविष्टियाँ, कैप्टन एवं स्टीवर्ड और कर्मचारियों द्वारा एक ही ऑर्डर को दो बार दर्ज करने, ग्राहकों के बीच में ही चले जाने या देरी होने, केओटी पर्ची के न छपने और ग्राहकों का बिना भुगतान किए चले जाने सहित अन्य कारण जिम्मेदार हैं।

परिचालन गड़बड़ी और महीने-दर-महीने बिक्री में उतार-चढ़ाव

इसके अतिरिक्त वक्ता ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सॉफ्टवेयर अंतिम बिक्री के बजाय सकल प्रविष्टियाँ दर्ज करता है और परिचालन संबंधी गड़बड़ी, अपव्यय और महीने-दर-महीने बिक्री में उतार-चढ़ाव डेटा को और भी विकृत कर देते हैं। बैंक क्रेडिट वास्तविक बिक्री से मेल नहीं खाने के उदाहरण देते हुए उन्होंने कीपैड की त्रुटियों के कारण गलत राशि प्रविष्टियों, ग्राहकों द्वारा जानबूझकर क्रेडिट कार्ड या यूपीआई के माध्यम से अधिक भुगतान करके कैशबैक प्राप्त करने और कर्मचारियों के लिए प्राप्त टिप्स का उल्लेख किया। वेबिनार ने विभागीय अपेक्षाओं और रेस्तरां की जमीनी हकीकतों के बीच के अंतर को प्रभावी ढंग से कम किया।

सीए विवेक ने वेबिनार में क्लाउड आधारित सॉफ्टवेयर के उपयोगकर्ताओं के लिए प्रमुख जोखिमों पर प्रकाश डाला, जैसे बैकएंड तक सीधी पहुंच, एआई-आधारित मिलान और स्थायी डिजिटल फुटप्रिंट। इस दौरान पीओएस डाटा का लेखा पुस्तकों से मिलान करने, टर्नओवर का जीएसटी और आयकर रिटर्न से मिलान करने और नियमित आंतरिक ऑडिट करने पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। एक विस्तृत एफएक्यू सत्र में लेखा-पुस्तकों के रखरखाव, रद्द किए गए ऑर्डर को संभालने, टिप्स और पूरक आपूर्ति का हिसाब रखने, धारा 269एसएस, 269एसटी और 269 टी के अनुपालन आदि को शामिल किया गया।

चार्टर्ड अकाउंटेंट हरि अग्रवाल ने आयकर विभाग द्वारा तलाशी और जब्ती की कार्यवाही के दौरान रेस्तरां/होटल मालिकों को आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और ऐसी कार्रवाइयों से पहले, दौरान और बाद में बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आयकर अधिनियम और जीएसटी अधिनियम के तहत नोटिस, समन, सर्वेक्षण और तलाशी एवं जब्ती की कार्यवाही से संबंधित रेस्तरां और होटल मालिकों की चिंताओं को दूर किया। उन्होंने रेस्तरां व्यवसाय की सुरक्षा के लिए बहुमूल्य सुझाव दिए।

यह भी पढ़ें… टीएनजीओस की कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से निर्वाचन

परिसर का निरीक्षण और रिकॉर्ड प्रस्तुत कराने का अधिकार

हरि अग्रवाल ने आयकर विभाग की शक्तियों की व्याख्या करते हुए बताया कि धारा 131(1ए) के तहत अधिकारी समन जारी कर सकते हैं, परिसर का निरीक्षण कर सकते हैं, रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए बाध्य कर सकते हैं और शपथ पर बयान दर्ज कर सकते हैं। धारा 133ए के तहत सर्वेक्षण के माध्यम से बही-खातों, नकदी और स्टॉक का सत्यापन करने के लिए व्यावसायिक परिसर में प्रवेश किया जा सकता है।

हरि अग्रवाल ने धारा 132 पर भी विस्तार से बताया, जो अघोषित आय या संपत्ति के बारे में विश्वास करने का कारण होने पर तलाशी और ज़ब्ती का अधिकार देती है, जिससे अधिकारियों को भवनों, वाहनों और व्यक्तियों की तलाशी लेने, नकदी, आभूषण और मूल्यवान वस्तुओं को जब्त करने और सूची तैयार करने की अनुमति मिलती है। उन्होंने करदाता के अधिकारों और कर्तव्यों पर भी चर्चा की।

साथ ही इस बात पर जोर दिया कि करदाताओं को अवश्य ही उचित लेखा-जोखा रखना, दस्तावेज़ प्रस्तुत करना और कार्यवाही में सहयोग करना, वारंट और अधिकारी की पहचान सत्यापित करना, व्यावसायिक संचालन जारी रखना, जब्त किए गए रिकॉर्ड की प्रतियां प्राप्त करना और हस्ताक्षर करने से पहले बयानों की समीक्षा करना जैसे सुरक्षा उपाय अपनाना आवश्यक है। वेबिनार में देशभर से रेस्तरां/होटल मालिकों ने भाग लिया और वक्ताओं द्वारा दी गई व्यावहारिक जानकारियों की सराहना की। कार्यक्रम में विभिन्न प्रश्नों का विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button