5 मंडलों में लागू होगा इंटीग्रेटेड भू-भारती पोर्टल : पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी
हैदराबाद, राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि इंटीग्रेटेड भू-भारती पोर्टल (इंटीग्रेटेड डिजिटल लैंड रिकॉर्ड्स मैनेजमेंट सिस्टम), जिसे किसानों को अत्यंत पारदर्शी और सुलभ तरीके से सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है, को आगामी 2 अप्रैल से पाँच मंडलों में प्रयोगात्मक रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने आज सचिवालय में राजस्व, सर्वे, स्टैम्प्स एंड रजिस्ट्रेशन और एनआईसी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
रेड्डी ने कहा कि जनता को भू-प्रशासन सेवाएँ और तेज़ी से देने के लिए राजस्व, स्टैम्प्स एंड रजिस्ट्रेशन, सर्वे विभागों को एक ही छतरी के नीचे लाते हुए भू-भारती पोर्टल विकसित किया गया। पोर्टल को इस तरह विकसित किया गया है कि भूमि से संबंधित प्रत्येक लेनदेन दिखेगा। उन्होंने इंटीग्रेटेड भू-भारती पोर्टल आगामी 2 अप्रैल से नारायणपेट जिले के कोसगी, रंगारेड्डी जिले के अमनगल, संगारेड्डी जिले के वटपल्ली, खम्मम जिले के कुसुमांची और भद्राद्री कोत्तागुडेम जिले के अश्वरावपेट मंडलों में प्रयोगात्मक तौर पर लागू किया जाएगा।
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इन मंडलों में पोर्टल की अच्छी तरह से जाँच की जाएगी और उनमें ज़रूरी बदलाव कर दूसरे चरण में इसे पूरे राज्य के सभी जिलों में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन के समय सर्वे मैप जमा करने का प्रावधान इन पाँच मंडलो में लागू किया जा रहा है। इससे राज्य में जमीन से संबंधित विवादों को सुलझाने में मदद मिलेगी। इन पाँच मंडलों में आधार नंबर की तरह हर सर्वे नंबर को एक भूधार नंबर दिया जाएगा।
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