निर्बल चंद्रमा को बनाएं शक्तिमान

अक्सर जब किसी व्यक्ति के जीवन में हलचल होती है, तो जीवन में वाद-विवाद, कलह-क्लेश, अपेक्षाओं का पूरा न होना, परिस्थितयां अनुकूल न होना जैसी स्थितियां आती हैं, तब उस व्यक्ति का मन किसी भी कार्य में नहीं लगता है। उसके मन में नकारात्मक विचार घर करने लगते हैं, ऐसे में ज्योतिषीय उपायों का सहारा लेना उचित रहता है। जहां मनोविज्ञान व्यक्ति के व्यक्तित्व, उसकी मानसिक क्षमता, उस व्यक्ति के बारे में असंख्य जानकारी उपलब्ध कराता है, वहीं ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति के द्वारा व्यक्ति के मन की परतों को खोलकर भीतर छिपे रहस्यों को उजागर किया जा सकता है।

उदाहरण के तौर पर किसी व्यक्ति की जन्म-कुण्डली में यदि चन्द्रमा निर्बल हो, पीड़ित हो, नीच अवस्था में हो, तो उस व्यक्ति को निर्णय लेने में कठिनाई होती है और जीवन में जरा-सी विपरीत परिस्थिति आने पर उसका मन तुरंत विचलित हो जाता है। विचलित मन के प्रभाव से व्यक्ति के कार्य करने की क्षमता पर भी असर पड़ता है। जब मन में नकारात्मक सोच-विचार ज्यादा आएं, तो व्यक्ति को स्वयं को किसी ऐसे कार्य में लगाने का प्रयास करना चाहिए, जिसमें उसकी रुचि हो। ज्योतिष शास्त्र में उपायों के द्वारा मन को सबल बनाने के विभिन्न तरीके बताये जाते हैं, जो व्यक्ति को नकारात्मक परिस्थिति से लड़ने और अपने अनुकूल बनाने में मददगार साबित होते हैं।

उपाय

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