हैदराबाद, मेटा ने अपने वार्षिक डेवलपर सम्मेलन मेटा कनेक्ट 2025 में नए स्मार्ट चश्मों की घोषणा की। कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने मंच से बताया कि यह नया उत्पाद मेटा रे-बैन डिस्प्ले नाम से लॉन्च किया गया है। इसे लोग 30 सितंबर से खरीद सकेंगे और इसकी कीमत 799 डॉलर रखी गई है।
मेटा का यह नवीनतम प्रयास उपभोक्ताओं को ऐसे स्मार्ट चश्मे उपलब्ध कराने का है, जो स्मार्टफोन पर किए जाने वाले कई कामों को आसानी से संभाल सकें। अब तक मेटा को अपने प्रतिस्पर्धियों गूगल और एप्पल के उपकरणों के माध्यम से ही उपयोगकर्ताओं तक पहुंचना पड़ता था। जबकि वर्चुअल रियलिटी हेडसेट्स पर अरबों डॉलर खर्च करने के बाद भी अब कंपनी को एआई संचालित स्मार्ट चश्मों में अपनी सबसे बड़ी संभावना नजर आ रही है।
मेटा रे-बैन डिस्प्ले अपने पहले के रे-बैन मेटा स्मार्ट चश्मों की सफलता पर आधारित है, जिनकी लाखों यूनिट पहले ही बेची जा चुकी हैं। यह चश्मे ऑन-बोर्ड एआई असिस्टेंट, कैमरा, स्पीकर और माइक्रोफोन से लैस हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया ऐप्स तक पहुंचने के लिए ये सीधे क्लाउड से जुड़ते हैं। नया डिस्प्ले फीचर उपयोगकर्ताओं को और अधिक सुविधाएं देता है, जैसे – इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और फेसबुक ऐप्स का इस्तेमाल, दिशानिर्देश देखना और लाइव अनुवाद देखना।
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न्यूरल बैंड संग मेटा की स्मार्ट ग्लास चुनौती
इसके साथ आने वाला न्यूरल बैंड दिखने में फिटबिट जैसा है, लेकिन इसमें स्क्रीन नहीं है। यह उपयोगकर्ताओं को हल्के हाथ के इशारों से ऐप्स को नियंत्रित करने की सुविधा देता है। जुकरबर्ग ने बताया कि इस न्यूरल बैंड की बैटरी लाइफ 18 घंटे है और यह पानी प्रतिरोधी भी है। इसमें इलेक्ट्रोमायोग्राफी (ईएमजी) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो दिमाग से हाथ तक भेजे गए संकेतों को पकड़कर डिवाइस को नियंत्रित करती है।
हालांकि, यह नया रे-बैन डिस्प्ले पिछले साल दिखाए गए ओरियन स्मार्ट चश्मों जितना सक्षम नहीं है। ओरियन में एआर लेंस और आई-ट्रैकिंग फीचर था, जबकि नए मॉडल में सरल डिस्प्ले दिया गया है। माना जा रहा है कि ओरियन को बाजार में आने में अभी कई साल लग सकते हैं।
फिर भी, मेटा को उम्मीद है कि वह वास्तविक उत्पाद के साथ सबसे पहले बाजार में उतरकर स्मार्ट चश्मों की दौड़ में बढ़त बना लेगी। हालांकि आने वाले वर्षों में गूगल और एप्पल के अपने स्मार्ट चश्मे लॉन्च होने की संभावना है, और वे अपने-अपने ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ एकीकृत होने के कारण मेटा पर भारी पड़ सकते हैं।
