मप्र: छिंदवाड़ा में बस-पिकअप टक्कर, 10 की मौत, 31 घायल

छिंदवाड़ा (मप्र), मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में बृहस्पतिवार शाम को सार्वजनिक कार्यक्रम से लौट रही एक बस और एक पिकअप वाहन के बीच आमने-सामने की टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गई और 31 अन्य घायल हो गए। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की तथा साथ ही यह घोषणा भी की कि सभी घायलों का इलाज मुफ्त में किया जाएगा। कांग्रेस ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घटनाक्रम की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की और इसकी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने का आग्रह किया।

पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर नागपुर रोड पर सिमरिया के पास हुई। उन्होंने बताया कि हादसे में छह पुरुष, तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई। छिंदवाड़ा के जिलाधिकारी हरेंद्र नारायण ने बताया कि चिकित्सकों के अनुसार 31 लोग घायल हुए हैं।

घायलों में से तीन से चार की हालत गंभीर है। उनमें से एक को इलाज के लिए पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के नागपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नारायण ने बताया कि 10 मृतकों में बस के आठ यात्रियों के साथ-साथ पिकअप वाहन का चालक और एक खलासी भी शामिल हैं।

तेज रफ्तार के कारण बस और पिकअप में भीषण टक्कर

अधिकारियों ने सभी घायलों को एम्बुलेंस और अन्य वाहनों के माध्यम से जिला अस्पताल और अन्य अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे। बस छिंदवाड़ा शहर के पुलिस मैदान में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम से लौट रही थी, जहां मुख्यमंत्री यादव ने 506 करोड़ रुपये की लागत वाली 105 परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।

यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और छिंदवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को घटना में प्रभावित लोगों से मुलाकात करने के निर्देश दिए। उन्होंने हादसे में लोगों की मौत के प्रति शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वास्थ लाभ की कामना की। यादव ने संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के लिए उचित व्यवस्था करने के साथ ही जबलपुर से चिकित्सकों का दल छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने का निर्देश दिया।

यादव ने मृतकों के निकटम परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान किए जाने की घोषणा की‌ और कहा कि सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में नियंत्रण कक्ष बनाकर सभी घायलों के उपचार की लगातार निगरानी की जा रही है।

भाजपा सरकार द्वारा ‘भाड़े की भीड़’ जुटाने की सच्चाई आज उजागर हो गई

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि छिंदवाड़ा में हुआ भयावह सड़क हादसा बेहद दुखद, लेकिन उससे भी ज्यादा सरकार की ‘सामूहिक शर्म’ का गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि हितग्राही सम्मेलन के नाम पर भाजपा सरकार द्वारा ‘भाड़े की भीड़’ जुटाने की सच्चाई आज उजागर हो गई है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये जनता के टैक्स को लुटाकर, लालच और दबाव के जरिए लोगों को ऐसे आयोजनों में लाया जाता है।

पटवारी ने कहा, ‘‘यह सरकारी दबाव और लापरवाही का ही परिणाम है कि आज कई निर्दोष लोगों ने अकारण ही अपनी जान गंवा दी। यह हादसा नहीं, यह सरकारी लापरवाही से हुआ है। यह सरकारी हत्याएं हैं।’’ उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस के जरिए भीड़ दिखाने के लिए लोगों को लाया गया और पूर्व घोषित कार्यक्रम के बावजूद सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं किए गए।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो और रिपोर्ट को सार्वजनिक भी किया जाए।उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और आयोजकों पर तत्काल आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

इससे पहले, पत्रकारों से बात करते हुए पीड़ित दौलत परकारा के परिजनों में से एक सुनील पवार ने दावा किया कि स्थानीय पंचायत के निर्देश पर लोगों से भरी गाड़ियां मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आई थीं।

सुरक्षित आवागमन हेतु कोई ठोस एवं पर्याप्त व्यवस्था की गई थी

विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने कहा कि छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रही बस की भीषण दुर्घटना में 10 लोगों की मृत्यु एवं 30 से अधिक लोगों के घायल होने की घटना अत्यंत दुखद एवं गंभीर है। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि चूंकि सभी लोग मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे थे, अतः यह राज्य सरकार एवं स्वयं मुख्यमंत्री की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी है कि घायलों को शीघ्र अति-शीघ्र उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाए और प्रत्येक पीड़ित परिवार को तत्काल समुचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार कार्यक्रम में बसों के माध्यम से अत्यधिक संख्या में लोगों को लाया गया था। ‘‘ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि क्या उनके सुरक्षित आवागमन हेतु कोई ठोस एवं पर्याप्त व्यवस्था की गई थी।’’ सिंघार ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्थागत लापरवाही का गंभीर संकेत है। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार इस पर स्पष्ट जवाब दे और जिम्मेदारी तय करे।’’ (भाषा)

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