एनआईपीएचएम में जलवायु अनुकूल कृषि पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
हैदराबाद, राष्ट्रीय वनस्पति स्वास्थ्य प्रबंधन संस्थान (एनआईपीएचएम), हैदराबाद, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने भारतीय पादप संरक्षण संघ, भारतीय कीटविज्ञान सोसाइटी, भारतीय पारिस्थितिक सोसाइटी, भारतीय कृषि इंजीनियर सोसाइटी और भारतीय पादप रोगविज्ञान सोसाइटी के सहयोग से जलवायु अनुकूल आधारित कृषि एवं कृषि-निर्यात संवर्धन के लिए पादप स्वास्थ्य प्रबंधन में नवाचार पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सम्मेलन का उद्घाटन डॉ. सागर हनुमान सिंह, आई.पी.ओ.एस, महानिदेशक, एन.आई.पी.एच.एम. की अध्यक्षता और डॉ. पूनम जसरोटिया, ए.डी.जी. पी.पी, आई.सी.ए.आर, डॉ. जे.पी. सिंह, वनस्पति संरक्षण सलाहकार, डी.पी.पी.क्यू.एस, भारत सरकार, डॉ. एस.एन. पुरी, पूर्व कुलपति, सी.ए.यू, इम्फाल, डॉ. शरत बाबू, अध्यक्ष पी.पी.ए.आई, डॉ. सचिन एस. सुरोशे, महासचिव, ई.एस.आई, डॉ. ए.के. धवन, अध्यक्ष, आई.ई.एस. एवं जी. वी. रमण रेड्डी, अध्यक्ष, आई.एस.ए.ई. तेलंगाना चैप्टर की उपस्थिति में किया गया। सम्मेलन की सिफारिशें पादप स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय पादप स्वच्छता मानकों के अनुपालन में सुधार के माध्यम से भारत की कृषि निर्यात क्षमता को बढ़ावा देने में योगदान देंगी।
वनस्पति स्वास्थ्य प्रबंधन में वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और किसानों की भागीदारी
एनआईपीएम के महानिदेशक डॉ. एस. एच. सिंह ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने वनस्पति स्वास्थ्य प्रबंधन के सभी हितधारकों वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, किसानों, उद्योग को पादप स्वास्थ्य मुद्दों के समाधान हेतु एक मंच पर लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. पूनम जसरोटिया, एडीजी पीपी, आईसीएआर ने पादप स्वास्थ्य, कृषि निर्यात में आने वाली चुनौतियों को संबोधित कर नवीन अनुसंधान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
भारत सरकार के पादप संरक्षण सलाहकार डॉ. जे.पी. सिंह ने कीट पहचान और प्रबंधन में रिमोट डायग्नोस्टिक टूल्स और जैव कीटनाशकों और कीटनाशकों के गुणवत्ता नियंत्रण के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. एस.एन. पुरी, पूर्व-वीसी, सीएयू, इम्फाल ने प्राकृतिक खेती के महत्व और इस पर शोध करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पीपीएआई, ईएसआई, आईईएस और आईएसएई ने किसानों को प्रशिक्षित करने और नकली कीटनाशकों की समस्या और पौधों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए समाधान खोजने की आवश्यकता व्यक्त की। स्टोर ग्रेन मैनेजमेंट और उपयुक्त कीटनाशक प्रबंधन तकनीक पर दो विशाल मुक्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम (एमओओसी) विस्तार अधिकारियों, छात्रों, शिक्षाविदों और अन्य हितधारकों के लिए शुरू किए गए।
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सम्मेलन नवीन प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने का प्रभावी मंच
अवसर पर कीट निदान के लिए डिजिटल उपकरणों और कीट नियंत्रण के लिए आईपीएम के उपायों और अपनाने पर किसानों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए। यह आयोजन प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों और इनपुट डीलरों के लाभ के लिए आईसीएआर, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, एनआईपीएम और उद्योगों द्वारा विकसित नवीन प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच भी प्रदान करता है।
विचार-विमर्श में एकीकृत और समग्र पादप स्वास्थ्य प्रबंधन रणनीतियाँ, उन्नत पादप संरक्षण के लिए कृषि-जैव विविधता और मृदा स्वास्थ्य, पादप स्वास्थ्य में उन्नत तकनीकी नवाचार, जैव सुरक्षा, संगरोध और व्यापार-सुरक्षित कृषि, क्षमता निर्माण, हितधारक सहभागिता और भविष्य के लिए नीति जैसे प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सम्मेलन में तकनीकी सत्र, विशिष्ट विशेषज्ञों द्वारा पूर्ण व्याख्यान, पैनल चर्चा, पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियाँ, उद्योग प्रदर्शनी, कृषि इनपुट डीलर और प्रगतिशील किसान चर्चा शामिल हैं।
तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान वैज्ञानिक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग प्रतिनिधि और हितधारक तकनीकी सत्रों, पैनल चर्चाओं, इंटरैक्टिव मंचों, उद्योग प्रदर्शनियों में शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।
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