खरमास में नवरात्रि पर्व शुभदायक

तिथि मुहूर्त
खरमास 15 मार्च, रविवार से की शुरुआत हो रहा है, जो 14 अप्रैल, मंगलवार को समाप्त होगा।
चैत्र नवरात्रि
19 मार्च, गुरुवार से शुरु हो रहे हैं, जो 27 मार्च, शुक्रवार को रामनवमी के साथ समाप्त होंगे।
इस बार खरमास में नवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र में खरमास में शुभ व मांगलिक कार्यों को वर्जित माना जाता है। अब लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या इसका नवरात्रि की पूजा पर कोई असर पड़ेगा? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खरमास में विवाह, गफह-प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं, लेकिन देवी-देवताओं की पूजा, व्रत, जप, तप तथा धार्मिक अनुष्ठान करने पर कोई रोक नहीं होती है।
इसी वजह से नवरात्रि की पूजा, व्रत, कलश-स्थापना, दुर्गा सप्तशती पाठ का पाठ करने को पूरी तरह से शुभ माना जाता है। खरमास का असर इन धार्मिक कार्यों पर नहीं पड़ता है। इसलिए नवरात्रि के पूजा-पाठ तथा अन्य प्रकार के हवन आदि भी इस दौरान किए जा सकते हैं।
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खरमास के दौरान भी भक्त विधि-विधान से नवरात्रि मना सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि खरमास का समय भक्ति और साधना के लिए बहुत शुभ होता है। इसलिए नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की आराधना करने से विशेष फल मिलने की मान्यता है। भक्त इस समय जप, तप, दान और पूजा के जरिए आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं।
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