नीट परीक्षा 3 मई को : सही रणनीति, बनायेगी डॉक्टर

नैशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट) यानी मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा नीट के लिए अब सिर्फ एक महीने का समय बचा है। अब तक की जानकारी के मुताबिक मई 2026 के पहले रविवार यानी 3 मई को पूरे भारत में नीट परीक्षा आयोजित की जायेगी, जिसका मतलब ये है कि अब एग्जाम में बैठने वालों के लिए सिर्फ एक महीने का समय बचा है।

अगर इस एक महीने को सेलेक्शन तय करना वाला महीना माना जाता है, तो हर परीक्षार्थी को पूरी गंभीरता के साथ इस बचे हुए महीने में 90 से 95 फीसदी अब तक पढ़े गए सिलेबस को अच्छी तरह से फिर से दोहरा लेना होगा और यह दोहराना साल के दूसरे महीनों की तरह नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें रिविजन प्लस प्रैक्टिस प्लस एक्यूरेसी पूरे सौ फीसदी रहनी चाहिए। अगर इस तरीके से अंतिम महीने में फोकस रखेंगे, तो निश्चित रूप से रैंक हासिल कर लेंगे, जिससे नीट परीक्षा क्लियर की जा सके।

हालांकि, कोई भी परीक्षा सिर्फ ट्रिक से नहीं पास की जा सकती, हर परीक्षा को पास करने के लिए ईमानदारी से और गहराई से सिलेबस को पढ़ना बहुत ज़रूरी होता है। फिर भी अगर रिविजन का ढंग स्मार्ट हो, तो न केवल अपनी मेरिट बेहतर बनायी जा सकती है, बल्कि टॉपर्स के ग्रुप में शामिल होने का अवसर भी हाथ लग सकता है। तो आइए, जानते हैं कि बचे हुए एक महीने को किस तरह स्मार्ट ढंग से इस्तेमाल किया जाए कि नीट परीक्षा न सिर्फ आसानी से पास कर लें, बल्कि अच्छी रैंक के साथ पास हों।

गेम चेंजर होता है बायोलॉजी का पेपर

नीट के परीक्षार्थियों को मालूम है कि इस परीक्षा में पूछे गए 50 फीसदी सवाल बायोलॉजी से होते हैं। इसलिए अगर आपको नीट की परीक्षा बेहतर मेरिट के साथ पास करनी है तो बायोलॉजी को अपने फोकस में लाना होगा। इसके लिए आपको सिर्फ और सिर्फ एनसीईआरटी की छठवीं से 12वीं तक की किताबों पर पूरी तरह से फोकस करना होगा। टिक किये गये महत्वपूर्ण सवालों को अंतिम एक महीने में हर दिन दो से तीन बार रिविजन करना होगा। साथ ही डायग्राम, टेबल्स और एग्जामपल्स न केवल याद रखने होंगे, बल्कि इतने प्रभावशाली ढंग से इनका इस्तेमाल करना होगा ताकि 340 से लेकर 360 अंक तक हासिल किए जा सकें।

केमिस्ट्री में करें स्मार्ट रिविजन

बायोलॉजी के बाद नीट एग्जाम में दूसरा महत्वपूर्ण पेपर केमिस्ट्री का ही होता है। इसकी तैयारी करते समय कुछ बातों को बेहद सतर्कता से ध्यान देना होता है। खास करके ऑर्गेनिक केमिस्ट्री पढ़ते हुए रिएक्शन के साथ, इस रिएक्शन का नाम पता होना भी ज़रूरी है। केमिस्ट्री के पेपर की तैयारी करने में भी एनसीईआरटी की किताबों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विशेषकर इन-ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में बेहतर होगा कि एनसीईआरटी के किताबों के पाठ को विस्तार से और बखूबी से शब्दश याद रखें। केमिस्ट्री के पेपर में जो बात आपको बेहतर स्कोरिंग कराती है, उसमें ये है कि फार्मूला अच्छी तरह से रटें और सवाल को हाल करते समय जरूरत पड़े तो परीक्षा पुस्तिका के ही एक हिस्से में न्यूमेरिकल की प्रैक्टिस कर लें।

रैंक बनाती है फिजिक्स

अगर बायोलॉजी नीट एग्जाम के आधे नंबर की हकदार होती है, तो फिजिक्स का पेपर रैंक बनाने के लिए महत्वपूर्ण होता है। फिजिक्स के पेपर की तैयारी करते हुए एक बात का विशेष तौरपर ध्यान रखें कि हर दिन न्यूमेरिकल की प्रैक्टिस करें, इनमें 50-60 सवाल ऐसे महत्वपूर्ण होते हैं, जिनसे दो-तीन सवाल हर बार आते हैं। इसलिए नियमित रूप से फिजिक्स के पेपर के लिए न्यूमेरिकल की प्रैक्टिस करें।

मॉक टेस्ट पर फोकस करें

नीट एग्जाम में दूसरे एग्जाम की तरह मॉक टेस्ट का बहुत फायदा मिलता है। नियमित रूप से मॉक टेस्ट करने से न सिर्फ टाइम मैनेजमेंट बेहतर रहता है, बल्कि तैयारी भी बहुत अच्छी तरह से हो जाती है। हां, एक बात यह भी ध्यान रखें कि यह टेस्ट ओएमआर शीट पर ही देने की प्रैक्टिस करें और हर टेस्ट के बाद तीन से चार घंटे तक अपने टेस्ट किए हुए पेपर एनालिसिस करें और अपनी कमज़ोर कड़ियों पर विशेष रूप से ध्यान दें।

-नरेंद्र कुमार

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