निर्मल पुलिस का नवाचार ‘पुलिस अक्का’ राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित
हैदराबाद, निर्मल जिला पुलिस विभाग के आविष्कारक कार्यक्रम ‘पुलिस अक्का’ को बहुत कम समय में अच्छी पहचान मिली है। इस कार्यक्रम को प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से नवाजा गया है।
जिले की पुलिस अधीक्षक जी. जानकी शर्मिला ने दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में यह अवार्ड प्राप्त किया। तेलंगाना राज्य के पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी ने ‘पुलिस अक्का’ कार्यक्रम को मिले अवॉर्ड पर खुशी जताई। उन्होंने ‘पुलिस अक्का’ की तारीफ दयालु पुलिसिंग के एक पिलर के तौर पर की। डीजीपी ने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल सुरक्षा देने का काम कर रहा है, बल्कि छात्राओं में हिम्मत और आत्मविश्वास भरने और उन्हें भविष्य का नागरिक बनाने का भी काम कर रहा है। निर्मल जिले की पुलिस अधीक्षक जी. जानकी शर्मिला के नेतृत्व में इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित करना गर्न की बात है।
पुलिस महानिदेशक ने जिले की महिला पुलिसकर्मियों की तारीफ की कि वे छात्राओं के साथ खड़ी रहीं और उन्हें सही दिशा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह तारीफ के काबिल है कि महिला पुलिस अधिकारी समाज में आदर्श बनकर सामाजिक बदलाव की शुरुआत कर रही हैं। उन्होंने इसे एक सुरक्षित और मजबूत समाज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। शनिवार को दिल्ली में हुए अवॉर्ड सेरेमनी में ज़िले की पुलिस अधीक्षक डॉ. जी. जानकी शर्मिला ने खुद आकर यह अवॉर्ड लिया। राज्य में पहली बार निर्मल जिले में शुरू किए गए इस कम्युनिटी पुलिसिंग मॉडल को बहुत कम समय में पूरे देश में अपार प्रोत्साहन मिल रहा है। इस कार्यक्रम को सिर्फ़ कानून लागू करने का सिस्टम ही नहीं, बल्कि समाज में ज़िम्मेदार बदलाव का रास्ता बनाने के लिए भी डिजाइन किया गया है।
7,000 से अधिक छात्राओं और महिलाओं को इस कार्यक्रम से सीधा फायदा हुआ
‘पुलिस अक्का’ आज के समाज में महिलाओं और लड़कियों को होने वाली परेशानियाँ जैसे हैरेसमेंट, घरेलू हिंसा, साइबर क्राइम के हल की गारंटी है। इस स्कीम का मुख्य मकसद उन छात्राओं के साथ खड़ा होना है जो पुलिस के पास जाने में हिचकिचाती हैं, जैसे परिवार का सदस्य या बड़ी बहन। इसी के तहत, महिला पुलिस अधिकारी केजीबीवी स्कूलों में रातभर रुक कर छात्राओं की परेशानियाँ सुन रही हैं। वे उन्हें गुड टच-बैड टच, पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह रोकने के बारे में सिखा रहे हैं और उनमें आत्मविश्वास भर रहे हैं। अब तक 7,000 से अधिक छात्राओं और महिलाओं को इस कार्यक्रम से सीधा फायदा हुआ है।
वे गांवों में पेट्रोलिंग कर रही हैं और डॉयल 100 कॉल पर तुरंत जवाब देकर पीड़ितों को जल्द न्याय दिला रही हैं। इस मौके पर बोलते हुए जी. जानकी शर्मिला ने कहा कि एक छोटे से आइडिया से शुरू हुआ यह सफ़र अब नेशनल लेवल पर सम्मान पा चुका है।
तेलंगाना राज्य पुलिस विभाग के लिए गर्व की बात
इस सफलता की तारीफ जिले की हर महिला पुलिस अधिकारी की कड़ी मेहनत और कमिटमेंट का इनाम बताया। उनका मानना था कि इस कार्यक्रम की असली सफलता यह है कि छात्राएं अपने डर पर काबू पा सकीं और हिम्मत के साथ अपनी समस्याओं के बारे में बता सकीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कॉच अवॉर्ड मिलने से उनकी ज़िम्मेदारी बढ़ गई है और उनका लक्ष्य भविष्य में इन सेवाओं को और बढ़ाना और हर लड़की को सुरक्षा और हिम्मत देना है। उन्होंने खुशी जाहिर की कि निर्मल जिले को मिला यह सम्मान तेलंगाना राज्य पुलिस विभाग के लिए गर्व की बात है।
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