एनएसयूआई ने मनाया स्थापना दिवस, अगले वर्ष होंगे छात्र संगठन के चुनाव

हैदराबाद, कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने 56वाँ स्थापना दिवस मनाया। अवसर पर पीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, मंत्री पोन्नम प्रभाकर, सांसद अनिल कुमार यादव सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

एनएसयूआई का 56वां स्थापना दिवस समारोह

मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने स्थापना दिवस समारोह में कहा कि वह इसी संगठन से उभरे और आज मंत्री पद तक पहुँचे हैं। जो छात्र कांग्रेस पार्टी की विचारधारा से सहमत हैं, उन्हें परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर भारत के भविष्य, उसके संविधान और उसके लोकतंत्र की रक्षा करने में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई ने देश को कई बड़े नेता दिये हैं।

हाल ही में शिक्षा आयोग ने भी सिफारिश की कि छात्र संघ चुनाव आयोजित किए जाने चाहिए। इसलिए अगले वर्ष एनएसयूआई के चुनाव कराए जाएँगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में केंद्रीय विश्वविद्यालयों और विभिन्न राज्यों में छात्र संघ चुनाव हो रहे हैं। सभी छात्र संघों को साथ लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री से भेंट कर उनसे यह अनुरोध किया जाएगा कि राज्य में छात्र संघ चुनाव आयोजित किए जाएँ।

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छात्र राजनीति से तैयार होगा भविष्य का नेतृत्व

इससे राजनेताओं की एक ऐसी भावी पीढ़ी तैयार होगी, जिसमें परिपक्वता, राजनीतिक सूझबूझ, छात्रों के मुद्दों को उठाने का अनुभव और भारतीय संविधान तथा राजनीतिक परिदृश्य की गहरी समझ होगी। पीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने कहा कि छात्र राजनीति ही भविष्य के नेतृत्व की नींव होती है, इसलिए छात्रों को मिलने वाले राजनीतिक अवसरों का सर्वोत्तम उपयोग करना चाहिए।

मंत्री ने याद दिलाया कि कई ऐसे नेता आज राष्ट्रीय स्तर पर ऊँचे मुकाम पर पहुँचे हैं, जिन्होंने राजनीतिक स़फर की शुरुआत एनएसयूआई से की थी। उन्होंने सुझाव दिया कि युवाओं को जनता के साथ लगातार जुड़े रहकर सामाजिक मुद्दों को समझने और उनके समाधान खोजने की दिशा में काम करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि युवा धैर्य और दृढ़ता विकसित करें, निरंतर आगे बढ़ते रहें और छात्र राजनीति के क्षेत्र में ज़िम्मेदारी की भावना के साथ काम करने की आदत डालें।

आईटी एवं उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने एनएसयूआई को बधाई देते हुए कहा कि किसी राष्ट्र का इतिहास तभी बदलता है, जब शिक्षा से मिली समझ प्रतिरोध की भावना में बदल जाती है। समाज में किसी भी क्रांतिकारी बदलाव के लिए छात्र आंदोलन महत्वपूर्ण पहला कदम साबित होता है। यह एक ऐसा सच है, जिसे इतिहास ने साबित किया है।

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