दशरथनंदन को अर्पित करें उनके प्रिय भोग
सनातन शास्त्रों में हर देवी-देवता के प्रिय रंग, वाहन, फूल तथा भोग का वर्णन मिलता है। इसी प्रकार भगवान श्रीराम के प्रिय का भी वर्णन है, जिसे आज अर्पित करने विशेष महत्व रखता है। यहाँ प्रस्तुत है, श्रीराम के प्रिय व्यंजन।
पंचामृत का प्रसाद

शास्त्रां के अनुसार, भगवान विष्णु की पूजा में पंचामृत का विशेष स्थान है। श्रीराम को विष्णु का अवतार माना जाता है, इसलिए इस दिन भी पंचामृत अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसे दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल मिलाकर बनाया जाता है। इसमें तुलसी दल अवश्य डाला जाता है, क्योंकि इसके बिना भोग अधूरा माना जाता है।
मीठे चावल

राम नवमी पर पीले रंग के मीठे चावल का भोग भी लगाया जाता है। इसे चावल, चीनी, केसर, इलायची और सूखे मेवों से तैयार किया जाता है। पीला रंग शुभता और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है, जो भगवान श्रीराम के गुणों से जुड़ा माना जाता है।
धनिया की पंजिरी

राम नवमी के दिन भगवान श्रीराम को धनिया की पंजिरी का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इसे घर पर शुद्धता के साथ सूखे धनिया, घी, चीनी और सूखे मेवों से तैयार किया जाता है। मान्यता है कि यह भोग श्रीराम को विशेष रूप से प्रिय होता है।
खीर और पूड़ी

शुद्ध दूध और चावल से बनी खीर को शास्त्रां में अमृत तुल्य बताया गया है। पौराणिक कथा के अनुसार, राजा दशरथ को पुत्रेष्टि यज्ञ के बाद खीर का प्रसाद प्राप्त हुआ था। इसी कारण श्रीराम नवमी पर खीर का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ पूड़ी का प्रसाद भी अर्पित किया जाता है।
फल का भोग

रामनवमी के दिन मौसमी फलों का भोग लगाना भी पुण्यदायक होता है। भगवान वे सेब, केला, संतरा, अंगूर, अनार या शकरकंद जैसे फल अर्पित कर सकते हैं। फलों की पवित्रता का महत्व इस बात से भी समझा जा सकता है कि माता शबरी ने भगवान श्रीराम को प्रेमपूर्वक बेर अर्पित किए थे।
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